Spice Money Axis CASA (Current Account Saving Account Service Live)
Asix CASA

Spice Money Axis Bank Current A/c Saving A/c (CASA)

भारत की सबसे बड़ी Fintech कंपनी स्पाइस मनी और Axis बैंक आपने 20 लाख से भी ज्यादा स्पाइस मनी अधिकारी (रिटेलर) भाइयो के लिए लेकर आया है ग्राहकों के लिए Current Bank Account और Saving Bank Account खोलें की सुविधा जो की सभी स्पाइस मनी अधिकारी (रिटेलर) के लिए निशुल्क रहेगी मतलब इस सर्विस को Activate करने के लिए हमारे स्पाइस मनी अधिकारी (रिटेलर) को अन्य Fintech कंपनी के जैसा अतिरिक्त शुल्क नहीं देना पड़ेगा ये प्रक्रिया पूर्णता ऑनलाइन, पारदर्शी और सुरक्षित है, स्पाइस मनी अधिकारी इस सेवा को शुरू करने आपने डिस्ट्रीब्यूटर से संपर्क करे , और अपना भौतिक सत्यापन ( Physical Verification ) कराये ये आवश्यक है ,जीरो MAB Current Bank Account इस फिनटेक इंडस्ट्री में स्पाइस मनी का एक पहल है

Product Feature - Current Ac

  • e-kyc आधारित प्रकिया के माध्यम से खाता open किया जायेगा
  • अगर Current Account स्पाइस मनी अधिकारी का है तो ये खाता टीडीएस (TDS on Cash withdral Under Section 194N(III) of Income Tax act) फ्री रहेगा
  • खाता तुरंत (Instant) एक्टिवेट होगा मतलब जमा निकासी instant की जा सकती है
  • मासिक औसत शेष (MAB-Monthly Average Balance) की आवस्यकता नहीं
  • एटीएम कार्ड का वार्षिक शुल्क 250/- + GST
  • कोई रखरखाव (Maintenance) शुल्क नहीं
 
 

Other Features

  • Home और Non Home ब्रांच में अधिकतम 1 लाख रुपये नगद प्रतिमाह जमा करने की सुविधा (1 लाख रुपये प्रतिमाह से अधिक जमा नहीं कर सकते)
  • नगद निकासी फ्री (unlimted) कोई सीमा नहीं
  • Cheque Book फ्री
  • NEFT और RTGS  निशुल्क
  • IMPS चार्ज
    • 10000  रूपए तक 2.50/- प्रति लेनदेन
    • 10001  से 1 लाख  रूपए तक 5/-  प्रति लेनदेन
    • 1 लाख से 2 लाख  रूपए तक 15/-  प्रति लेनदेन
    • 2 लाख से अधिक पर 25/-  प्रति लेनदेन

       

Axis Bank

Product Feature - Saving Ac

  • e-kyc आधारित प्रकिया के माध्यम से खाता open किया जायेगा
  • खाता तुरंत (Instant) एक्टिवेट होगा मतलब जमा निकासी instant की जा सकती है
  • मासिक औसत शेष (MAB-Monthly Average Balance) की आवस्यकता नहीं
  • खाता खोलते समय न्यूनतम शुरूआती (Minimum Initial Funding) 500/- की आवस्यकता होगी
  • एटीएम कार्ड का वार्षिक शुल्क 250/- + GST
  • एटीएम के माध्यम से 40000/- रूपए तक प्रतिदिन निकासी
  • और POS (पॉइंट ऑफ़ सेल) से 3 लाख रूपए तक प्रतिदिन की सीमा

Transaction Benefits

  • फ्री 4 फर्स्ट Transaction प्रति माह
  • नगद Transaction Non Home Branch
    • 25000 प्रतिदिन निशुल्क
    • 25000 से ज्यादा होने पर Rs. 5/- प्रतिहजार शुल्क

Other Features

  • प्रति वर्ष एक Cheque बुक फ्री (20 चेक वाली)
  • एक से अधिक चेक बुक होने पर 100/- प्रति चेक बुक शुल्क
  • Axis Bank ATM से 5 निकासी प्रतिमाह निशुल्क
  • Axis Bank ATM से बैलेंस चेक करना Unlimited पूर्णता फ्री
  • अन्य बैंक के एटीएम से 5 निकासी और बैलेंस चेक निशुल्क
  • फ्री निकासी के बाद 20/- प्रति निकासी और फ्री बैलेंस चेक के बाद 1 0/- प्रति बैलेंस चेक
  • NEFT और RTGS  निशुल्क
  • IMPS चार्ज
    • 1000  रूपए तक 2.50/- प्रति लेनदेन
    • 1001  से 1 लाख  रूपए तक 5/-  प्रति लेनदेन
    • 1 लाख से 2 लाख  रूपए तक 15/-  प्रति लेनदेन
    • डिमांड ड्राफ्ट शुल्क
      • 10000 रुपये तक 50/-
      • 10000 रूपए से अधिक पर 5/- प्रति हजार (न्यूनतम 75/- रूपए )

         

         

 

 

स्पाइस मनी अधिकारी द्वारा खोले गए खाते में जमा निकासी की सुविधा प्रदान की जावेगी वर्त्तमान में AEPS ( आधार कार्ड ) के माध्यम से निकासी सुविधा उपलब्ध है जल्द ही जमा करने की सुविधा भी प्रारम्भ की जावेगी

Sushil Modi (Spice Money Distributor)

Watch on YouTube https://www.youtube.com/@modi-infotech

 

Patna HC Translator Online Form 2022
Patna High Court Law Assistant (LA) Recruitment

पटना (बिहार) उच्च न्यायालय ट्रांसलेटर पद के लिए आवेदन आमंत्रित 

Patna High Court HC Are Invited to Online Application Form For Translator (Patna HC Translator Recruitment 2022). Interested Candidate Completed All Eligibility Criteria And Apply Online Application Form. Before You Apply Online Application Form Please Read Full Notification. Patna HC Translator Recruitment 2022

IMPORTANT DATES

Application Start : 21-10-2022
Last Date Apply Online : 11-11-2022
Last Date Pay Exam Fee : 11-11-2022
Admit Card : Available Soon
Exam Date : 08 January 2023

APPLICATION FEE
Gen / OBC / EWS : Rs.1000/- SC / ST / PH : Rs.500/- Pay Exam Fee Online Debit Card, Credit Card, Net Banking Mode.

Vacancy Details Total Post : 39

Post

Translator

Category

GR

BC

EBC

EWS

SC

ST

Total Post

16

05

07

04

06

01

Eligibility

Graduation with English Subject.
And Diploma in Computer Application.
Age : 18-37 Years.
Age As on 01.07.2022
Extra Age As Per Rules.

Download Notification

Apply Online

Official Website

केसर के तिलक का महत्व व लाभ
केसर के तिलक का महत्व व लाभ

केसर के तिलक का महत्व व लाभ

हिंदू संस्कृति में तिलक का बहुत महत्व माना जाता है। कोई धार्मिक कार्य या पूजा-पाठ में सबसे पहले सबको तिलक लगाया जाता है। यही नही जब हम कभी किसी धार्मिक स्थल पर जाते हैं तब भी सर्वप्रथम हमें तिलक लगाया जाता है। दरअसर हिंदू संस्कृति व शास्त्रों में तिलक को मंगल व शुभता का प्रतीक माना जाता है। इसलिए जब भी कोई व्यक्ति शुभ काम के लिए जाता है तो उसके मस्तक पर तिलक लगाकर उसे विदा किया जाता है। लेकिन क्या आप जानते हैं तिलक आपकी कई मनोरामनाएं भी पूरी करता है।
शास्त्रों में तिलक के संबंध में विस्तार से बताया गया है। अलग-अलग पदार्थों के तिलक करने से अलग-अलग कामनाओं की पूर्ति होती है। चंदन, अष्टगंध, कुमकुम, केसर आदि अनेक पदार्थ हैं जिनके तिलक करने से कार्य सिद्ध किए जा सकते हैं। यहां तक कि ग्रहों के दुष्प्रभाव भी विशेष प्रकार के तिलक से दूर किए जा सकते हैं।

तिलक का मुख्य स्थान मस्तक पर दोनों भौ के बीच में होता है, क्योंकि इस स्थान पर सात चक्रों में से एक आज्ञा चक्र होता है। शास्त्रों के अनुसार प्रतिदिन तिलक लगाने से यह चक्र जाग्रत हो जाता है और व्यक्ति को ज्ञान, समय से परे देखने की शक्ति, आकर्षण प्रभाव और उर्जा प्रदान करता है। इस स्थान पर अलग-अलग पदार्थों के तिलक लगाने का अलग-अलग महत्व है। इनमें सबसे अधिक चमत्कारी और तेज प्रभाव दिखाने वाला पदार्थ केसर है। केसर का तिलक करने से कई कामनाओं की पूर्ति की जा सकती है।

दांपत्य में कलह खत्म करने के लिए
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जिन लोगों का दांपत्य जीवन कलहपूर्ण हो उन्हें केसर मिश्रित दूध से शिव का अभिषेक करना चाहिए। साथ ही अपने मस्तक, गले और नाभि पर केसर कर तिलक करें। यदि लगातार तीन महीने तक यह प्रयोग किया जाए तो दांपत्य जीवन प्रेम से भर जाता है।

मांगलिक दोष दूर करने के लिए
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जिस किसी व्यक्ति की जन्मकुंडली में मांगलीक दोष होता है ऐसे व्यक्ति को दोष दूर करने के लिए हनुमानजी को लाल चंदन और केसर मिश्रित तिलक लगाना चाहिए। इससे काफी फायदा मिलता है।

सफलता और आरोग्य प्राप्त करने के लिए
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जो व्यक्ति अपने जीवन में सफलता, आकर्षक व्यक्तित्व, सौंदर्य, धन, संपदा, आयु, आरोग्य प्राप्त करना चाहता है उसे प्रतिदिन अपने माथे पर केसर का तिलक करना चाहिए। केसर का तिलक शिव, विष्णु, गणेश और लक्ष्मी को प्रसन्न करता है। शिव से साहस, शांति, लंबी आयु और आरोग्यता मिलती है। गणेश से ज्ञान, लक्ष्मी से धन, वैभव, आकर्षण और विष्णु से
भौतिक पदार्थों की प्राप्ति होती है।

आकर्षक प्रभाव पाने के लिए
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केसर में जबर्दस्त आकर्षण प्रभाव होता है। प्रतिदिन केसर का तिलक लगाने से व्यक्ति में आकर्षण प्रभाव पैदा होता है और प्रत्येक व्यक्ति को सम्मोहित करने की शक्ति प्राप्त कर लेता है।

केसर के तिलक होने वाले अन्य लाभ
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1 जिन स्त्रियों को शुक्र से संबंधित समस्या है, जैसे पति से अनबन, परिवार में लड़ाई झगड़े, मान-सम्मान की कमी हो वे किसी महिला या कन्या को मेकअप किट के साथ केसर दान करें।

2घर में आर्थिक तंगी बनी रहती है। पैसे की बचत नहीं होती है तो नवरात्रि या किसी भी शुभ दिन सात सफेद कौडि़यों को केसर से रंगकर उन्हें लाल कपड़े में बांधें और श्रीसूक्त के सात बार पाठ करें। अब इस पोटली को अपनी तिजोरी में रखें। जल्द ही धनागम होने लगेगा।

3अपने व्यापार या कामकाज से जुड़े दस्तावेज जैसे बही-खातों, तिजोरी आदि जगह केसर की स्याही का छिड़काव करने से व्यापार खूब फलता है।

4 मां लक्ष्मी की कृपा पाने के लिए एक सफेद कपड़े को केसर की स्याही से रंगें। अब इस कपड़े को अपनी तिजोरी या दुकान आदि के गल्ले में बिछाएं और पैसा इसी कपड़े पर रखें। यह स्थान पवित्र बना रहे इसका खास ध्यान रखें। ऐसा करने से लक्ष्मी प्रसन्न होती है और पैसे की आवक अच्छी होती है।

5 चतुर्दशी और अमावस्या के दिन घर की दक्षिण-पश्चिम दिशा यानी नैऋत्य कोण में केसर की धूप देने के पितृ प्रसन्न होते हैं। इससे पितृदोष शांत होता है और व्यक्ति के जीवन में तरक्की होने लगती है।

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आपके घर की दीवारें सब सुनती हैं ! Home Wall
आपके घर की दीवारें सब सुनती हैं और सब सोखती हैं

आपके घर की दीवारें सब सुनती हैं !

कभी आपने किसी घर में जाते ही वहाँ एक अजीब सी नकारात्मकता और घुटन महसूस की है ?

या किसी के घर में जाते ही एकदम से सुकून औऱ सकारात्मकता महसूस की है ?

मैं कुछ ऐसे घरों में जाता हूँ जहां जाते ही तुरंत वापस आने का मन होने लगता है। एक अलग तरह का खोखलापन और नेगेटिविटी उन घरों में महसूस होती है। साफ समझ पाती हूँ कि उन घरों में रोज-रोज की कलह और लड़ाई- झगड़े और चुगली , निंदा आदि की जाती है। परिवार में सामंजस्य और प्रेम की कमी है। वहाँ कुछ पलों में ही मुझे अजीब सी बेचैनी होने लगती है और मैं जल्दी ही वहाँ से वापस आ जाता हूँ।

वहीं कुछ घर इतने खिलखिलाते और प्रफुल्लित महसूस होते हैं कि वहाँ घंटों बैठकर भी मुझे वक़्त का पता नहीं चलता ।

ध्यान रखिये….

” आपके घर की दीवारें सब सुनती हैं और सब सोखती हैं। घर की दीवारें युगों तक समेट कर रखती हैं सारी सकारात्मकता और नकारात्मकता भी “

” कोपभवन” का नाम अक्सर हमारी पुरानी कथा-कहानियों में सुनाई देता है । दरअसल कोपभवन पौराणिक कथाओं में बताया गया घर का वो हिस्सा होता था जहां बैठकर लड़ाई-झगड़े और कलह-विवाद आदि सुलझाए जाते थे। उस वक़्त भी हमारे पुरखे सकारात्मक और नकारात्मक ऊर्जा के प्रवाह को अलग-अलग रखने का प्रयास करते थे इसलिए ” कोपभवन ” जैसी व्यवस्था की जाती थी ताकि सारे घर को नकारात्मक होने से बचाया जाए ।
इसलिए आप भी कोशिश कीजिए कि आपका घर “कलह-गृह” या “कोपभवन” बनने से बचा रहे।

घर पर सुंदर तस्वीरें , फूल-पौधे, बागीचे , सुंदर कलात्मक वस्तुएँ आदि आपके घर का श्रृंगार बेशक़ होती हैं पर आपका घर सांस लेता है आपकी हंसी-ठिठोली से , मस्ती-मज़े से, खिलखिलाहट से और बच्चों की शरारतों से , बुजुर्गों की संतुष्टि से ,घर की स्त्रियों के सम्मान से और पुरुषों के सामर्थ्य से , तो इन्हें भी सहेजकर-सजाकर अपने घर की दीवारों को स्वस्थ रखिये।

” आपका घर सब सुनता है और सब कहता भी है “

इसलिए यदि आप अपने घर को सदा दीवाली सा रोशन बनाये रखना चाहते हैं तो ग्रह कलह और , निंदा , विवादों आदि को टालिये।

“यदि आपके घर का वातावरण स्वस्थ्य और प्रफुल्लित होगा तो उसमें रहने वाले लोग भी स्वस्थ और प्रफुल्लित रहेंगे।

सूर्ग्रहण और दिवाली एक साथ विशेष एवं पूजन मुहूर्त 2022
सूर्ग्रहण और दिवाली एक साथ विशेष एवं पूजन मुहूर्त 2022

इस वर्ष सन् 2022 को वैदिक मतानुसार दीपावली और लक्ष्मी पूजन 24 अक्टूबर 2022 की शाम या रात्रि में मनाई जाएगी क्योंकि वैदिक मतानुसार दीपावली पर्व मनाने के लिए शाम या रात्रि में अमावस्या तिथि का होना आवश्यक है जो कि 24 अक्टूबर 2022 को ही मिलेगी, 25 अक्टूबर 2022 को अमावस्या तिथि उदय काल में ही है अपरान्ह या शाम को अमावस्या नहीं है।
किन्तु जैन धर्म के ग्रन्थों के अनुसार भगवान महावीर का निर्वाण कल्याणक महोत्सव मनाने या निर्वाण लाड़ू चढ़ाने के लिए सूर्योदय के समय अमावस्या तिथि का होना आवश्यक है जो कि 25 अक्टूबर 2022 को ही होगी और इसीलिए भगवान महावीर के निर्वाण कल्याणक का लाड़ू 25 अक्टूबर 2022 को चढ़ाया जाएगा और
जैनधर्म के अनुसार दीपावली भगवान महावीर के निर्वाण कल्याणक के पश्चात् उसी दिन शाम को गौतम गणधर के केवलज्ञान प्राप्ति के उपलक्ष्य में मनाई जाती है इसलिए जैनधर्म अनुयायियों की दीपावली भी 25 अक्टूबर 2022 की शाम को ही मनाई जानी चाहिए।

खाता पूजन के विभिन्न लग्नों की समय सारिणी

सूर्ग्रहण और दिवाली एक साथ विशेष एवं पूजन मुहूर्त 2022

दिनाँक 23/10/2022 (धन्य त्रयोदशी)
मेष 16:19 से 17:56
वृष 17:56 से 19:53 मिथुन 19:53 से 22:07
सिंह 00:25 से 02:40
वृश्चिक 07:14 से 09:32 धनु 09:32 से 11:36 मकर 11:36 से 13:20 (इसी में अभिजित मुहूर्त आएगा)
कुम्भ 13:21 से 14:51
मीन 14:52 से 16:18

दिनाँक 24/10/2022 (वैदिक मतानुसार दीपावली, लक्ष्मी पूजन) मेष 16:15 से 17:53 वृष 17:53 से 19:50
मिथुन 19:50 से 22:03
सिंह 00:21 से 02:36
वृश्चिक 07:10 से 09:28
धनु 09:28 से 11:32
मकर 11:32 से 13:16 (इसी में अभिजित मुहूर्त आएगा)
कुम्भ 13:17 से 14:47
मीन 14:48 से 16:14

दिनाँक 25/10/2022 (जैन मतानुसार दीपावली अर्थात् महावीर भगवान निर्वाण लाडू एवं गौतमस्वामी केवलज्ञान पूजा)
मेष 16:12 से 17:50 (मणिपुर, अरुणाचल, सिक्किम और नागालैंड आदि के अतिरिक्त सम्पूर्ण भारत में सूर्यग्रहण दोष)
वृष 17:50 से 19:46
मिथुन 19:46 से 22:00
सिंह 00:17 से 02:32
वृश्चिक 07:06 से 09:24
धनु 09:24 से 11:28
मकर 11:28 से 13:12 (इसी में अभिजित मुहूर्त आएगा)
कुम्भ 13:12 से 14:44
मीन 14:45 से 16:12
नोट : दिनाँक 25/10/2022 को शाम 16:40 से 17:42 तक सूर्यग्रहण है जो कि मणिपुर और नागालैंड में सूर्यास्त के बाद होगा और सूर्यास्त के बाद होने से दृश्य नहीं है इसलिए दोषयुक्त भी नहीं है जबकि भारत के उन भागों में जहाँ सूर्यास्त 16:29 के बाद होगा वहाँ ही दोष माना जाएगा.

साभार : ज्योतिर्भूषण प्रतिष्ठाचार्य पण्डित महेश कुमार शास्त्री डीमापुर /कारीटोरन

वर्डप्रेस में टेक्स्ट सिलेक्शन और कॉपी/पेस्ट को कैसे रोकें?
How to Prevent Text Selection and Copy/Paste in WordPress 
How to Prevent Text Selection and Copy/Paste in WordPress
How to Prevent Text Selection and Copy/Paste in WordPress
हाल ही में, हमारे एक पाठक ने हमसे पूछा कि वे वर्डप्रेस में टेक्स्ट चयन और कॉपी/पेस्ट को कैसे रोक सकते हैं?
कई publishers जो लोगों को उनकी सामग्री चोरी (कॉपी/पेस्ट) करने से रोकना चाहते हैं, वे इसे लागू करना चाह सकते हैं। यह मूल रूप से लोगों के लिए आपकी वेबसाइट से टेक्स्ट कॉपी करना थोड़ा कठिन बनाता है।
इस Post में, हम आपको दिखाएंगे कि वर्डप्रेस में टेक्स्ट चयन और कॉपी / पेस्ट को आसानी से कैसे रोका जा सकता है।

टेक्स्ट चयन को क्यों रोकें अपनी वर्डप्रेस साइट पर कॉपी/पेस्ट करने से

कई ब्लॉगर पाते हैं कि उनकी सामग्री चोरी (कॉपी/पेस्ट) हो जाती है और बिना अनुमति के उपयोग की जाती है।
यह तब भी हो सकता है जब कोई व्यक्ति आपकी या आपकी पूरी सामग्री को मैन्युअल रूप से कॉपी करता है।
इसे और अधिक कठिन बनाने का एक तरीका यह है कि लोगों को आपके टेक्स्ट को कॉपी और पेस्ट करने से रोका जाए। आप उनके लिए अपनी वेबसाइट पर टेक्स्ट का चयन करना कठिन बनाकर ऐसा कर सकते हैं।

अपने परिवर्तनों को सभी के लिए लाइव करने के लिए स्क्रीन के top पर 'Publish' बटन पर क्लिक करना न भूलें।

याद रखें, तकनीक की समझ रखने वाले उपयोगकर्ता अभी भी source code देख सकते हैं या अपनी इच्छानुसार किसी भी चीज़ की कॉपी बनाने के लिए Inspect tool का उपयोग कर सकते हैं। ये तकनीक उन लोगों को भी नहीं रोकेगी जो RSS का उपयोग करके सामग्री लाने के लिए ऑटो-ब्लॉगिंग टूल का उपयोग कर रहे हैं।

इसे ध्यान में रखते हुए, आइए वर्डप्रेस में टेक्स्ट सिलेक्शन और कॉपी को रोकने के कुछ तरीकों पर एक नजर डालते हैं।

Preventing Text Selection/Copy Using CSS /CSS का उपयोग करके टेक्स्ट कॉपी को रोकना

यह method सरल है, और आपको बस अपनी वर्डप्रेस थीम में कुछ कस्टम CSS Code जोड़ने की आवश्यकता होगी। 

सबसे पहले, आपको थीम कस्टमाइज़र लॉन्च करने के लिए वर्डप्रेस एडमिन एरिया में अपीयरेंस (Appearance) » कस्टमाइज़ (Customize) पेज पर जाना होगा।

थीम कस्टमाइज़र में, आपको बाएं कॉलम से  Custom CSS tab पर क्लिक करना होगा।
अब, आप अपने वर्डप्रेस थीम में Custom CSS जोड़ने के लिए एक बॉक्स देखेंगे। बस निम्नलिखित Custom CSS Code को उस बॉक्स में कॉपी और पेस्ट करें।

* {
  -webkit-touch-callout: none; /* iOS Safari */
  -webkit-user-select: none; /* Safari */
  -khtml-user-select: none; /* Konqueror HTML */
  -moz-user-select: none; /* Old versions of Firefox */
  -ms-user-select: none; /* Internet Explorer/Edge */
   user-select: none; /* Non-prefixed version, currently supported by Chrome, Opera and Firefox */
}
How to Prevent Text Selection and Copy/Paste in WordPress
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गुरू चाण्डाल योग कब फायदेमंद हो जाता है
गुरू चाण्डाल योग

गुरू चाण्डाल योग का एकदम उल्टा तब देखने को मिलता है जब गुरू और राहु एक दूसरे से सप्तम भाव में हो और गुरू के साथ केतु स्थित हों।
बृहस्पति के प्रभावों को पराकाष्ठा तक पहुँचाने में केतु सर्वश्रेष्ठ हैं। केतु त्याग चाहते हैं, कदाचित बाद में वृत्तियों का त्याग भी देखने को मिलता है। केतु भोग-विलासिता से दूर बुद्धि विलास या मानसिक विलासिता के पक्षधर हैं और गुरू को, गुरू से युति के कारण अपने जीवन में श्रेष्ठ गुरू या श्रेष्ठ शिष्य पाने के अधिकार दिलाते हैं।

इनको जीवन में श्रेय भी मिलता है और गुरू या शिष्य उनको आगे बढ़ाने के लिए अपना योगदान देते हैं। इस योग का नामकरण कोई बहुत अच्छे ढंग से नहीं हुआ है परन्तु गुरू चाण्डाल योग को ठीक उलट कोई सुन्दर सा नाम अवश्य दिया जाना चाहिये। गुरु-राहु की युति या इनका दृष्टि संबंध इंसान के विवेक को नष्ट कर देता है। यही कारण रावण के सर्वनाश का रहा।
यदि राहु बहुत शक्तिशाली नहीं हुए परन्तु गुरू से युति है तो इससे कुछ हीन स्थिति नजर में आती है। इसमें अधीनस्थ अपने अधिकारी का मान नहीं करते। गुरू-शिष्य में विवाद मिलते हैं।शोध सामग्री की चोरी या उसके प्रयोग के उदाहरण मिलते हैं, धोखा-फरेब यहां खूब देखने को मिलेगा परन्तु राहु और गुरू युति में यदि गुरू बलवान हुए तो गुरू अत्यधिक समर्थ सिद्ध होते हैं और शिष्यों को मार्गदर्शन देकर उनसे बहुत बडे़ कार्य या शोध करवाने में समर्थ हो जाते हैं। शिष्य भी यदि कोई ऎसा अनुसंधान करते हैं जिनके अन्तर्गत गुरू के द्वारा दिये गये सिद्धान्तों में ही शोधन सम्भव हो जाए तो वे गुरू की आज्ञा लेते हैं या गुरू के आशीर्वाद से ऎसा करते हैं।

यह सर्वश्रेष्ठ स्थिति है और मेरा मानना है कि ऎसी स्थिति में उसे गुरू चाण्डाल योग नहीं कहा जाना चाहिए बल्कि किसी अन्य योग का नाम दिया जा सकता है परन्तु उस सीमा रेखा को पहचानना बहुत कठिन कार्य है जब गुरू चाण्डाल योग में राहु का प्रभाव कम हो जाता है और गुरू का प्रभाव बढ़ने लगता है। राहु अत्यन्त शक्तिशाली हैं और इनका नैसर्गिक बल सर्वाधिक है तथा बहुत कम प्रतिशत में गुरू का प्रभाव राहु के प्रभाव को कम कर पाता है। इस योग का सर्वाधिक असर उन मामलों में देखा जा सकता है जब दो अन्य भावों में बैठे हुए राहु और गुरू एक दूसरे पर प्रभाव डालते हैं।


गुरु-राहु की य‍ुति को चांडाल योग के नाम से जाना जाता है। सामान्यत: यह योग अच्छा नहीं माना जाता। जिस भाव में फलीभूत होता है, उस भाव के शुभ फलों की कमी करता है। यदि मूल जन्म कुंडली में गुरु लग्न, पंचम, सप्तम, नवम या दशम भाव का स्वामी होकर चांडाल योग बनाता हो तो ऐसे व्यक्तियों को जीवन में बहुत संघर्ष करना पड़ता है। जीवन में कई बार गलत निर्णयों से नुकसान उठाना पड़ता है। पद-प्रतिष्ठा को भी धक्का लगने की आशंका रहती है।

वास्तव में गुरु ज्ञान का ग्रह है, बुद्धि का दाता है। जब यह नीच का हो जाता है तो ज्ञान में कमी लाता है। बुद्धि को क्षीण बना देता है। राहु छाया ग्रह है जो भ्रम, संदेह, शक, चालबाजी का कारक है। नीच का गुरु अपनी शुभता को खो देता है। उस पर राहु की युति इसे और भी निर्बल बनाती है। राहु मकर राशि में मित्र का ही माना जाता है (शनिवत राहु) अत: यह बुद्धि भ्रष्ट करता है। निरंतर भ्रम-संदेह की स्थिति बनाए रखता है तथा गलत निर्णयों की ओर अग्रसर करता है।


जन्म पत्रिका के एक ही भाव में जब गुरु राहु स्थित हो तो चाण्डाल योग निर्मित होता है। ऐसे योग वाला जातक उदण्ड प्र$कृति का होता है। राहु यदि बलिष्ठ हो तो जातक अपने गुरुका अपमान करने वाला होता है। वह गुरु के कार्य को अपना बना कर बताता है। गुरु की संपत्ति हड़पने में भी उसे परहेज नही होता। वहीं यदि गुरु ग्रह राहु सेे ज्यादा बलिष्ठ हो तो वह शिष्य अपने गुरु के सानिध्य में तो रहता परंतु अपने गुरु के ज्ञान को ग्रहण नहीं कर पाता। गुरु भी अपने शिष्य को अच्छे से प्रशिक्षित नहीं कर पाता।चाण्डाल योग वाला जातक अपने से बड़ों का अपमान करने वाला, उनकी बातों को टालने वाला, वाचाल होता है।

गुरु चांडाल योग कब काम नहीं करता?
अगर व्यक्ति का बृहस्पति उच्च राशि में हो तो गुरु चांडाल योग काम नहीं करता है.

यदि मूल कुंडली या गोचर कुंडली इस योग के प्रभाव में हो तो निम्न उपाय कारगर सिद्ध हो सकते हैं-
क्या करें उपाय चाण्डाल योग निर्मुलन के लिए :-

अशुभता का नियंत्रण- —गुरु चांडाल योग के जातक के जीवन पर जो भी दुष्प्रभाव पड़ रहा हो उसे नियंत्रित करने के लिए जातक को भगवान शिव की आराधना और गुरु-राहु से संबंधित वस्तुओं का दान करना चाहिए।.

दीवार पर कहाँ टाँगे घड़ी
दीवार पर कहाँ टाँगे घड़ी

वास्तु टिप्स – दीवार पर कहाँ टाँगे घड़ी

घड़ी खरीदते लमय ध्यान रखें कि यह गोल, अंडाकार, अष्टभुजाकार या फिर षट्भुजाकार हो। यह आपके लिए पॉज़िटिव एनर्जी और खुशियों को लेकर आता है।

क). यदि आप दक्षिण दिवार पर घड़ी टांगते है, तो आपका चन्द्रमा गुरु और शुक्र ग्रह बलहीन हो जाता है जिससे

  1. आपका मन हमेशा अशांत रहेगा और मन में हमेशा नेगेटिव सोच आएगी।
  2. घर में पूजा या धार्मिक कार्य में मन नहीं लगेगा और घर में हर सदस्य हमेशा का आपस में मतभेद होता रहेगा।
  3. किसी को भी अपने कार्य में सफलता नहीं मिलेगी।

ख). यदि आप घड़ी पश्चिम दिवार पर टांगते है, तो आपका शुक्र सूर्य बुध बलहीन हो जाते है, जिससे

  1. घर में रहने वाली महिलाये अक्सर बीमार रहती है और पति पत्नी में भी अच्छी नहीं बन पाती है।
  2. अकसर काम में उच्च अधिकारियो के विवाद होता है या उनको प्रसन्न करने में हम असफल रहते है ।
  3. घर में बच्चो का दिमाग पढ़ाई पर नहीं लग पाता है और न ही वो ठीक से बर्ताव करते है।

ग). यदि आप घडी पूर्व दिशा पर टांगते है, तो आपने मंगल गुरु और शनि ग्रह बलवान हो जाते है, जिससे

1.काम में बहुत तरक्की होती है धन बढ़ता है ।
2.बच्चो की शिक्षा बहुत अच्छी होती है घर में शांति और खुशहाली का वातावरण रहता है ।

घ). यदि आप घर में उत्तर दिशा की और घडी टांगते है तो आपके सूर्य राहु शनि बलवान होते है, जिससे

1.स्वास्थय अच्छा रहता है
2.जीवन में जल्दी ही तरक्की मिलती है और पारिवारिक सुख भी अच्छा होता है और धन भी अच्छा होता है।

कुछ जगह पर घड़ी बिलकुल नहीं टांगना चाहिए

  1. यदि आप टी.वी. के उपर घड़ी टांगते है तो आप आलसी ही जायेंगे और आपका मन किसी से बात करने का नहीं करेगा और काम को कभी भी समय पर नहीं कर पायेंगे।
  2. यदि आप फ्रिज के ऊपर घड़ी टांगते है तो आपकी आर्थिक स्थिति बहुत धीरे धीरे होगी और लोग अक्सर आपको धोखा देंगे।
  3. यदि आप दरवाजे के ऊपर या सामने घडी टांगते है तो घर में एकता की कमी रहती है ।
  4. दरवाजे के ऊपर न लगाएं घड़ी वास्‍तु के मुताबिक यह स्थिति घर में रहने वाले और आने-जाने वाले लोगों के जीवन में तनाव बढ़ाती है। कहा जाता है कि दरवाजे पर लगी घड़ी से आर्थिक नुकसान बढ़ता है।

उपाय :

1.यदि आपको काम में तरक्की और घर में बरकत देखना है तो घर में उत्तर की तरफ चकोर घडी लगाए।
2.यदि हर काम में विजय प्राप्त करनी हो तो उत्तर की तरफ षठकोणीय घडी लगाये।

घड़ी के लिए इन बातों का भी रखें ख्‍याल

कभी भी बंद घड़ी का प्रयोग नहीं करना चाहिए। इनकी बैटरी तुरंत ही सही करवा देनी चाहिए। यद‍ि संभव न हो तो बदल देना चाहिए। क्‍योंकि यह धन का प्रवाह रोक देती है। इसी तरह घड़ी के रंग का भी ख्‍याल रखें। कभी भी नीले, काले और नारंगी रंग की घड़ी नहीं लगानी चाहिए। इनसे निकलने वाली ऊर्जा नुकसान पहुंचाती है। बेड के स‍िरहाने घड़ी न रखें। इससे स‍िरदर्द की समस्‍या लगी रहती है।