kala dhaga
गले में क्यों पहनते हैं काला धागा? जानें क्या है ज्योतिष में इसका महत्व
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गले में क्यों पहनते हैं काला धागा? जानें क्या है ज्योतिष में इसका महत्व
काला रंग शनि ग्रह का रंग माना जाता है.
काला रंग शनि ग्रह का रंग माना जाता है.
यूं तो काला धागा पहनना आजकल फैशन में आ गया है. जिसे देखो वह पैर, गले या हाथ में काला धागा पहनते दिख जाता है. इसके पीछे के कारण जाने बिना ही काला धागा धारण करना नुकसानदायक हो सकता है. जानें गले में काला धागा पहनने का क्या महत्व है?

जो व्यक्ति काला धागा धारण करते हैं, वे बुरी शक्तियों के प्रभाव से बच जाते हैं.
काला धागा धारण करना सभी के लिए लाभदायक सिद्ध हो सकता है.

Kala Dhaga Ka Mahatva : अक्सर आपने बहुत से लोगों को पैर और गले में काला धागा पहने हुए देखा होगा, जिसको लेकर कई तरह की धार्मिक मान्यताएं हैं. एक मान्यता यह भी है कि काला धागा पहनने से बुरी नजर नहीं लगती. इससे पहले एक आर्टिकल में हमने जाना था- पैर में काला धागा पहनने के फायदे और उसके नियम. आज के इस आर्टिकल में हम जानेंगे गले में काला धागा पहनने का महत्व. इस विषय में अधिक जानकारी दे रहे हैं


कम होता है शनि का दुष्प्रभाव
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार शनि ग्रह का संबंध काले रंग की वस्तुओं से होता है. काला रंग शनि ग्रह का रंग माना जाता है. मनुष्य के जीवन में आ रही समस्याओं का संबंध भी शनि ग्रह से ही जोड़ा जाता है. हर व्यक्ति शनि के दुष्प्रभाव से बचने के लिए काले रंग से जुड़े कई ज्योतिष उपाय करता है. शनि की बुरी नजर से बचने के लिए ज्योतिष शास्त्र में काले रंग का धागा गले में धारण करने की सलाह दी जाती है. इससे आपके जीवन में आ रही समस्याओं को काफी हद तक कम किया जा सकता है

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार जो व्यक्ति गले में काला धागा धारण करते हैं, उन पर शनि देव अपनी कुदृष्टि नहीं रखते. काला धागा शनि देव को आकर्षित करता है जो मनुष्य के लिए लाभदायक होता है. ऐसे व्यक्ति के लिए शनि परेशानी का कारण ना बनते हुए उनकी सफलता में सहयोगी बन जाते हैं.

नजर और नकारात्मकता से रक्षा करता है काला धागा
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार जो व्यक्ति काला धागा धारण करते हैं, वे बुरी शक्ति के प्रभाव से बच जाते हैं. इसके अलावा नकारात्मक ऊर्जा को काला धागा अवशोषित करके शरीर पर बुरा प्रभाव नहीं पड़ने देता. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार गले में काला धागा धारण करना सभी के लिए लाभदायक सिद्ध हो सकता है परंतु बच्चों को काला धागा पहनाने से पहले उसकी लंबाई का ध्यान रखें, ताकि वह किसी चीज में फंस कर बच्चे को नुकसान ना पहुंचा पाए.

Mobile Recharge
अपना मोबाइल नंबर कैसे पता करे ? मोबाइल में बैलेंस न होने पर!

जिओ, एयरटेल, आईडिया, वोडाफोन कंपनी का मोबाइल नंबर!

Mobile Recharge

अगर आप मोबाइल रिचार्ज का व्यवसाय करते है तो कई बार आपके पास कस्टमर रिचार्ज करने आते है और उनको आपने नंबर याद नहीं रहता , या वो गलत नंबर बता सकते है जिससे गलत रिचार्ज होने से आपको हानि हो सकती है या टेक्नोलॉजी के ज़माने में आज दो-तीन सिम का उपयोग किया जाना आम बात है। कुछ लोग तो एक सिम को थोड़े टाइम इस्तेमाल करने के बाद नयी सिम ख़रीद लेते है परन्तु ज्यादा सिम होने की वजह से मोबाइल नम्बर याद रख पाना मुश्किल होता है। तो यदि आप भी कभी अपने मोबाइल नम्बर भूल जाते है या याद नहीं रख पाते है तो आज की पोस्ट में आपको बताया जाएगा की अपना मोबाइल नंबर कैसे पता करें।

कभी-कभी आपके किसी फ्रैंड या फैमिली में किसी को मोबाइल नंबर देने की जरुरत पड़ जाती है। लेकिन आपको नम्बर याद ना हो और आपने मोबाइल में बैलेंस न हो (बैलेंस न होने पर आप फ्रैंड या फैमिली को कॉल नहीं कर सकते ) तो ऐसी स्थिति में आप कुछ USSD कोड की मदद से अपने मोबाइल नम्बर पता कर सकते है।

मोबाइल नंबर कैसे पता करे

किसी भी सिम का नम्बर उसके USSD Code से पता चल जाता है। सभी सिम के अपने-अपने अलग USSD Code होते है। आगे आपको सभी मोबाइल ऑपरेटर की सिम के USSD कोड या नम्बर बताएँगे जिसकी मदद से आप अपना मोबाइल नंबर जान सकते है:

यदि आप Idea या VI सिम का इस्तेमाल करते है और अपने Idea/VI के मोबाइल नम्बर चेक करना चाहते है तो नीचे बताए गए USSD कोड को Dial कर मोबाइल नंबर पता लगा सकते है

*199#

यदि आप Airtel सिम का इस्तेमाल करते है और अपने Airtel के मोबाइल नम्बर चेक करना चाहते है तो नीचे बताए गए USSD कोड को Dial कर मोबाइल नंबर पता लगा सकते है

*282#

यदि आप BSNL सिम का इस्तेमाल करते है और अपने BSNLके मोबाइल नम्बर चेक करना चाहते है तो नीचे बताए गए USSD कोड को Dial कर मोबाइल नंबर पता लगा सकते है

*222#

यदि आप Jio सिम का इस्तेमाल करते है और अपने Jio के मोबाइल नम्बर चेक करना चाहते है तो नीचे बताए गए USSD कोड को Dial कर मोबाइल नंबर पता लगा सकते है

Call on 1299

यदि Jio का USSD कोड काम न करे तो परेशान न हो , बैलेंस खत्म होने के कुछ दिन पहले से Jio आपको sms सेंड करता है जिसमे आपका मोबाइल नंबर भी होता है

अगर आप मोबाइल रिचार्ज का व्यवसाय करते है तो आज ही मोबाइल रिचार्ज ID (पोर्टल) लेकर महीने का 10000 se 25000 रूपए कमाये

सुकन्या समृद्धि योजना
सुकन्या समृद्धि योजना Sukanya Samriddhi Yojana

Sukanya Samriddhi Yojana

सुकन्या समृद्धि योजना

सुकन्या समृद्धि योजना (Sukanya Samriddhi Yojana) को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने देश की मिडिल क्लास परिवारों से संबंध रखने वाली बालिकाओं को भविष्य में होने वाली आर्थिक समस्याओं से बचाने के लिए शुरू किया है। इस योजना के तहत माता पिता के द्वारा अपनी बालिका की आयु 10 वर्ष पूरी होने से पहले निवेश खाता खोला जाता है। यह निवेश खाता बैंक या पोस्ट ऑफिस में खोला जा सकता है। जिसमें बालिका के माता-पिता के द्वारा न्यूनतम 250 रुपए और अधिकतम 1.5 लाख रुपए प्रतिमाह निवेश के रूप में जमा किए जा सकते हैं।

सुकन्या समृद्धि योजना क्या है

केंद्र सरकार द्वारा चलाई जाने वाली सुकन्या समृद्धि योजना (SSY) एक तरह की निवेश बचत योजना है। जो देश की 10 वर्ष से कम आयु की बालिकाओं के माता-पिता को उनके भविष्य को सुरक्षित करने हेतु निवेश करने के लिए आकर्षित करती है। यह योजना बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना का ही एक भाग है। इस योजना के तहत माता-पिता द्वारा बालिकाओं का निवेश खाता खोला जाता है जो 21 साल या 18 साल की आयु के बाद उसकी शादी तक संचालित किया जाता है। लेकिन इस खाते में 15 साल तक निवेश करना अनिवार्य है। सत्र 2022-23 के लिए इस खाते पर निवेश की गई धनराशि पर 7.6% की दर से ब्याज  प्रदान किया जाएगा और साथ ही इस योजना के तहत 1 साल में अधिकतम 1.5 लाख रुपए निवेश करने पर आयकर अधिनियम 1961 की धारा 80C के तहत टैक्स में छूट भी प्रदान की जाएगी।

योजना का नामसुकन्या समृद्धि योजना
शुरू की गईकेंद्र सरकार द्वारा
लाभार्थीदेश की 10 वर्ष की आयु से कम की बालिकाएं
उद्देश्यबालिकाओं को भविष्य मे होने वाले आर्थिक समस्या से बचाना
साल2022

सुकन्या समृद्धि योजना SSY 2022 के तहत निर्धारित निवेश सीमा

खाताधारक इस योजना के तहत 1 साल में न्यूनतम 250 रुपए और अधिकतम 1.5 लाख रुपए तक जमा कर सकता है। यह राशि खाताधारक को 15 साल तक जमा करनी जरूरी है। यदि आपकी कन्या 8 साल की है तो आपको 23 साल तक इस खाते में न्यूनतम निवेश राशि जमा करनी अनिवार्य है। इसके बाद आपको निवेश राशि पर परिपक्वता अवधि तक ब्याज मिलता रहेगा।

बालिका 18 वर्ष की आयु पूरी होने पर निकाल सकती है 50% निवेश राशि

इस योजना के तहत खोले गए खाते पर 15 साल तक निवेश करना अनिवार्य है। लेकिन कन्या 18 वर्ष की आयु पूरी हो जाने के बाद या दसवीं कक्षा पास करने के बाद अपनी पढ़ाई करने के लिए सुकन्या समृद्धि योजना खाते से 50% धनराशि निकाल सकती है। यह धनराशि कन्या या माता पिता/कानूनी अभिभावक द्वारा एक साथ या किस्तों में निकाली जा सकती है। परंतु 1 वर्ष में एक ही बार ही और अधिकतम 5 सालों तक किस्त में धनराशि निकाली जा सकते हैं।

Sukanya Samriddhi Yojana 2022 टैक्स फ्री

भारत सरकार द्वारा Samriddhi Yojana 2022 को टैक्स फ्री रखा गया है। इस योजना के तहत आयकर अधिनियम 1961 की धारा 80C के तहत 1.5 लाख रुपए तक निवेश की गई राशि पर कोई टैक्स नहीं लगाया जाता है। इस योजना के तहत निवेश की गई राशि एवं उस पर अर्जित ब्याज के साथ-साथ परिपक्वता राशि पर भी कोई टैक्स नहीं लगता है। यह योजना खाताधारक की बचत को सुरक्षित रखने के साथ-साथ उन्हें टैक्स से भी बचाती है।

सुकन्या समृद्धि योजना के तहत निवेश खाते की परिपक्वता अवधि

इस योजना के तहत जो निवेश खाता खोला जाता है उसकी परिपक्वता अवधि बालिका के 21 साल के पूरे हो जाने पर या 18 साल की आयु के बाद उसकी शादी हो जाने तक होती हैं। लेकिन दोनों स्थितियों में इस खाते में निवेश खाता खोलने की तिथि से 15 साल की अवधि तक किया हुआ होना चाहिए। उसके बाद अकाउंट में परिपक्वता तक ब्याज मिलता रहेगा। चाहे आप खाते में कोई डिपाजिट करें या ना करें।

SSY खाता किन परिस्थितियों में परिपक्वता अवधि से पहले बंद किया जा सकता है

  • 18 साल की आयु हो जाने पर शादी के लिए- लाभार्थी बालिका द्वारा 18 साल की आयु हो जाने के बाद अपनी शादी के खर्च के लिए SSY खाते को परिपक्वता अवधि से पहले बंद किया जा सकता है।
  • खाताधारक की आकस्मिक मृत्यु होने की स्थिति में- अगर बालिका की अकास्मिक मृत्यु हो जाती हैं तो इस स्थिति में माता-पिता या कानूनी अभिभावक Sukanya Samriddhi Scheme खाते से जमा राशि और उस पर अर्जित ब्याज निकाल सकते हैं। यह राशि निकालने के लिए माता-पिता या कानूनी अभिभावक द्वारा खाताधारक की मृत्यु हो जाने से जुड़े संबंधित अधिकारी द्वारा वेरीफाई हुए दस्तावेजों को जमा करना होगा। इसके बाद तुरंत माता-पिता या कानूनी अभिभावक के खाते में यह धनराशि हस्तांतरित कर दी जाएगी।
  • आर्थिक रूप से खाता जारी रखने  असमर्थ होने पर– बालिका के माता-पिता आर्थिक रूप से खाता जारी रखने में असमर्थ होते हैं तो इस स्थिति में वह खाते को बंद कर सकते हैं। लेकिन इसके लिए उन्हें संबंधित अधिकारी से अनुमति लेनी अनिवार्य है।

लाभार्थी देश के कौन-कौन से बैंक में SSY अकाउंट खुलवा सकता है

हमारे देश में भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा अधिकृत 28 बैंकों है। लाभार्थी इन बैंकों में से अपने नजदीकी किसी भी बैंक शाखा में जाकर SSY अकाउंट खुलवा  सकता है। यह 28 बैंक  निम्नलिखित इस प्रकार है।

  • बैंक ऑफ इंडिया
  • भारतीय स्टेट बैंक
  • पंजाब नेशनल बैंक
  • बैंक ऑफ बड़ौदा
  • ऐक्सिस बैंक
  • आंध्रा बैंक
  • बैंक ऑफ महाराष्ट्र
  • इलाहाबाद बैंक
  • पंजाब एंड सिंध बैंक
  • ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स
  • स्टेट बैंक ऑफ हैदराबाद
  • यूनियन बैंक ऑफ इंडिया
  • यूको बैंक
  • यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया
  • विजय बैंक
  • बैंक ऑफ महाराष्ट्र
  • केनरा बैंक
  • देना बैंक
  • स्टेट बैंक ऑफ पटियाला
  • स्टेट बैंक ऑफ मैसूर
  • आईडीबीआई बैंक
  • आईसीआईसीआई बैंक
  • स्टेट बैंक ऑफ बीकानेर एंड जयपुर
  • स्टेट बैंक ऑफ त्रावणकोर

समृद्धि योजना का एक परिवार की कितनी बालिकाओं को मिलेगा लाभ

केंद्र सरकार द्वारा Samriddhi Yojana के तहत एक परिवार की केवल दो बालिकाओं का ही निवेश खाता खोलने की अनुमति है। लेकिन कुछ विशेष मामलों में एक परिवार की दो से अधिक बालिकाओं का निवेश खाता खोला जा सकता है।

  • अगर जुड़वा या तिड़वा बालिकाओं के जन्म से पहले एक बालिका का जन्म होता है या पहले एक साथ तीन बच्चे जन्म लेते हैं तो तीसरा खाता खोला जा सकता है।
  • अगर जुड़वा या तिड़वा बालिकाओं के जन्म के बाद एक ओर बालिका का जन्म होता है तो बस जुड़वा या तिड़वा बालिका का ही निवेश खाता खोला जा सकता है ना कि उनके बाद जन्मी बालिका का।

सुकन्या समृद्धि योजना (SSY) 2022 से जुड़ी कुछ महत्वपूर्ण जानकारी

Samriddhi Yojana 2022 के तहत खोले गए खाते में प्रतिवर्ष 250 रुपए जमा करने अनिवार्य है। यदि किसी स्थिति में खाताधारक वर्ष में न्यूनतम 250 रुपए जमा नहीं करता है तो उसके खाते को डिफॉल्ट खाता कहा जाएगा। परंतु इस डिफॉल्ट खाते पर भी खाताधारक को परिपक्वता अवधि तक लागू ब्याज प्राप्त होता रहेगा।
लाभार्थी कन्या 18 साल की आयु पूरी कर लेने के बाद अपना सुकन्या समृद्धि खाता खुद संचालित कर सकती है। इसके लिए उसे पोस्ट ऑफिस या बैंक जहां पर उसका SSY खाता खुला हुआ है वहां पर जाकर सभी आवश्यक दस्तावेजों को जमा करना होगा।
10वीं कक्षा पास कर लेने के बाद कन्या अपने खाते में से 50% राशि एकमुश्त या किस्तों में निकाल सकती है। यह राशि 1 साल में एक बार और अधिकतम 5 साल तक किस्तों में निकाली जा सकते हैं।
SSY Account का मैच्योरिटी पीरियड 21 वर्ष है। परंतु कुछ परिस्थितियों में जैसे-18 वर्ष की आयु के बाद शादी होने पर, खाता धारक की मृत्यु हो जाने पर या आर्थिक रूप से खाता संचालित करने में परेशानी आने पर खाते को बंद किया जा सकता है।
इस योजना के तहत खोले गए निवेश खाते को देशभर में एक बैंक से दूसरे बैंक या एक पोस्ट ऑफिस से दूसरे पोस्ट ऑफिस में ट्रांसफर करने की सुविधा भी प्रदान की जाती है।

Sukanya Samriddhi Yojana 2022 के लाभ

मोदी सरकार द्वारा देश की 10 साल की आयु से कम की बालिकाओं के भविष्य को आर्थिक तंगी से बचाने के लिए इस योजना को संचालित किया गया है।
यह योजना खाताधारक को निवेश राशि पर 7.6% की दर से ब्याज प्रदान करती है जो टैक्स फ्री होता है।
केंद्र सरकार द्वारा संचालित की जाने वाली अन्य योजनाओं के तुलना में Sukanya Samriddhi Yojana 2022 निवेशकों को अधिक ब्याज दर पर गारंटी के साथ रिटर्न प्रदान करती है।
निवेशक इस योजना के तहत अपनी वित्तीय स्थिति के अनुसार हर साल न्यूनतम ₹250 और अधिकतम 1.5 लाख रुपए तक निवेश कर सकता है।
इस योजना के तहत आयकर अधिनियम की धारा 80C के तहत हर साल ₹500000 तक के कर में छूट प्रदान की जाती है।

सुकन्या समृद्धि स्कीम के तहत पात्रता

बालिका के माता-पिता या कानूनी अभिभावक द्वारा ही बालिका का सुकन्या समृद्धि खाता खोला जा सकता है।
माता-पिता या अभिभावक को भारत का स्थाई निवासी होना अनिवार्य है।
10 वर्ष की आयु से कम की बालिका का ही इस योजना के तहत निवेश खाता खोला जा सकता है।
एक परिवार की केवल 2 लड़कियों का ही इस योजना के तहत निवेश खाता खोला जा सकता है। यदि किसी परिवार में एक लड़की के बाद जुड़वा लड़कियां जन्म लेती है तो इस दशा में जुड़वा लड़कियों का अलग-अलग निवेश खाता खोला जा सकता है।

आवश्यक दस्तावेज

माता-पिता या कानूनी अभिभावक का आधार कार्ड, पैन कार्ड, पहचान पत्र (जिनके द्वारा खाता संचालित किया जाता है)
बालिका का जन्म प्रमाण पत्र,
निवास प्रमाण पत्र
चिकित्सा प्रमाण पत्र
बैंक या डाकघर द्वारा मांगे जाने वाले सभी आवश्यक दस्तावेज

सुकन्या समृद्धि योजना 2022 के तहत अकाउंट खोलने की प्रकिया

सबसे पहले माता-पिता या कानूनी अभिभावक को सुकन्या समृद्धि योजना का आवेदन फॉर्म को पोस्ट ऑफिस या अपने नजदीकी बैंक से प्राप्त करना है।
अब आपको इस आवेदन फॉर्म में पूछी गई सभी महत्वपूर्ण जानकारियों को ध्यानपूर्वक पढ़कर भरना है।
इसके बाद मांगे गए सभी आवश्यक दस्तावेजों को फॉर्म से अटैच कर देना है।
अब आपको यह फॉर्म उसी पोस्ट ऑफिस या बैंक में जमा करना है जहां से आपने इसे प्राप्त किया था।
इस तरह से आप सुकन्या समृद्धि योजना 2022 के तहत अपना आवेदन कर सकते हैं।

अपने SSY खाते का बैलेंस चेक कैसे करें?

सबसे पहले आपको अपने बैंक से लॉगिन क्रैडेंशियल्स प्रदान करने का निवेदन करना है।
लॉगइन क्रैडेंशियल्स सभी बैंकों के द्वारा प्रदान नहीं किया जाता है। केवल कुछ विशेष बैंक ही यह सुविधा प्रदान करते हैं।
अब लॉगइन क्रैडेंशियल्स प्राप्त करने के बाद आपको बैंक के इंटरनेट बैंकिंग पोर्टल पर लॉगइन करना है।
इसके बाद आपके सामने होमपेज खुलकर आ जाएगा।
अब आपको कन्फ़र्म बैलेंस के विकल्प पर क्लिक कर देना है।
इसके बाद आपके सामने सुकन्या समृद्धि खाते की राशि खुलकर आ जाएगी।
आप केवल इसी माध्यम से सुकन्या समृद्धि खाते का बैलेंस चेक कर सकते हैं।

सुकन्या समृद्धि योजना की कुछ नियम व शर्तें
निवेश की शर्तें एवं नियम

खाता खुलवाने की आयु: सुकन्या समृद्धि खाता बालिका की 10 वर्ष की आयु होने से पहले अभिभावक द्वारा खोला जा सकता है।
खाते की संख्या: एक लड़की के लिए केवल एक ही खाता इस योजना के अंतर्गत खोला जा सकता है। इस योजना के अंतर्गत एक बेटी के लिए माता द्वारा अलग तथा पिता द्वारा अलग खाता ही नहीं संचालित किया जा सकता।
परिवार के खाताधारकों की संख्या: एक परिवार की केवल दो बेटियां ही इस योजना का लाभ उठा सकती हैं।
जुड़वा बेटियों की स्थिति में एक परिवार की खाताधारक की संख्या: यदि जुड़वा या ट्रिपलेट बेटियों का जन्म होता है तो उस स्थिति में 2 से अधिक खाते भी खोले जा सकते हैं।
खाते का संचालन: सुकन्या समृद्धि खाते को खाताधारक की 18 वर्ष की आयु होने तक खाता धारक के अभिभावक द्वारा संचालित किया जाता है।

अधिकतम एवं न्यूनतम राशि जमा करने के नियम व शर्तें

न्यूनतम खाता खोलने के लिए राशि: इस योजना के अंतर्गत न्यूनतम 250 रुपए में खाता खोला जा सकता है।
न्यूनतम प्रतिवर्ष निवेश: प्रत्येक वर्ष इस योजना के अंतर्गत लाभार्थी को 250 रुपए का निवेश करना होगा।
डिफॉल्ट की स्थिति: यदि खाताधारक द्वारा प्रतिवर्ष न्यूनतम 250 रुपए का निवेश नहीं किया गया तो इस स्थिति में खाते को डिफॉल्ट कर दिया जाएगा। यदि खाता डिफॉल्ट हो गया है तो इस स्थिति में खाते में 250 रुपए की न्यूनतम राशि का भुगतान एवं ₹50 की पेनल्टी का भुगतान करके खाते को पुनर्जीवित किया जा सकता है।
अधिकतम निवेश राशि: सुकन्या समृद्धि योजना के अंतर्गत अधिकतम ₹150000 तक की राशि का निवेश किया जा सकता है।
खाता खोलने के महत्वपूर्ण दस्तावेज: इस योजना के अंतर्गत खाता खोलने के लिए अभिभावक को form-1, बेटी का जन्म प्रमाण पत्र तथा अभिभावक का पैन कार्ड और आधार नंबर जमा करना होगा।
निवेश करने की अवधि: इस योजना के अंतर्गत खाता खोलने की तिथि से 15 साल तक निवेश किया जा सकता है।

परिपक्वता, कर लाभ एव ब्याज दरें से संबंधित नियम व शर्तें

परिपावकता आयु: सुकन्या समृद्धि खाता खुलने से 21 साल बाद या फिर बालिका के विवाह के समय 18 वर्ष की आयु होने के बाद परिपक्व हो जाएगा।
इंटरेस्ट रेट: सरकार द्वारा हर तिमाही आधार पर इंटरेस्ट रेट की अधिसूचना दी जाएगी। जनवरी 2021 से मार्च 2021 के लिए इस योजना के अंतर्गत इंटरेस्ट रेट 7.6% है।
ब्याज राशि: इस योजना के अंतर्गत ब्याज राशि वित्तीय वर्ष के अंत में खाते में जमा किया जाएगा। सुकन्या समृद्धि खाते को पोस्ट ऑफिस या फिर बैंक में खुलवाया जा सकता है।
कर लाभ: सेक्शन 80C के अंतर्गत इस योजना के अंतर्गत किया गया निवेश कर मुक्त है। इस योजना के अंतर्गत प्राप्त हुआ ब्याज तथा परिपक्वता राशि भी कर मुक्त है।

खाते की प्रीमेच्योर क्लोजर से संबंधित नियम व शर्ते

प्रीमेच्योर क्लोजर: सुकन्या समृद्धि खाते को समय से पहले (खाता खोलने के 5 साल बाद) बंद कराया जा सकता है।
खाता धारक की मृत्यु: यदि खाता धारक की मृत्यु हो जाती है तो इस स्थिति में यह खाता बंद करवाया जा सकता है।
जानलेवा रोग की स्थिति: यदि खाताधारक को किसी प्रकार का जानलेवा रोग हो जाता है तो इस स्थिति में भी यह खाता बंद करवाया जा सकता है।
अभिभावक की मृत्यु: खाताधारक के अभिभावक (जो खाते का संचालन करता है) की मृत्यु की स्थिति में भी यह खाता बंद करवाया जा सकता है।

सुकन्या समृद्धि खाते से पैसे निकालने के नियम व शर्तें

निकासी करने की स्थिति: सुकन्या समृद्धि योजना खाते से पिछले वित्तीय वर्ष के अंत में उपलब्ध शेष राशि का अधिकतम 50% तक की निकासी की जा सकती है। यह निकासी बालिका की शिक्षा के लिए की जा सकती है।
सुकन्या समृद्धि खाते निकासी करने के लिए आयु: यह निकासी बालिका की 18 वर्ष की आयु पूरी होने पर या फिर दसवीं कक्षा उत्तीर्ण करने के बाद (दोनों में से जो भी पहले हो) की जा सकती है।
निकासी का प्रकार: खाते से निकासी एक साथ की जा सकती है या फिर किस्तों में भी की जा सकती है।

सुकन्या समृद्धि योजना के दिशा निर्देश

सुकन्या समृद्धि योजना को देश की बालिकाओं के उज्जवल भविष्य सुनिश्चित करने के उद्देश्य से आरंभ किया गया था।
इस योजना के अंतर्गत आयकर अधिनियम 80C के अंतर्गत डिडक्शन भी प्रदान की जाती है। इस योजना के अंतर्गत अकाउंट को बेटी के नाम पर खोला जाता है।
यह अकाउंट बेटी की 10 वर्ष की आयु होने से पहले खोला जाता है।
प्रत्येक परिवार में केवल दो अकाउंट खोले जा सकते हैं।
जब तक बालिका 18 वर्ष की आयु नहीं प्राप्त कर लेती तब तक इस योजना के अंतर्गत खोला हुआ खाता बालिका के माता-पिता द्वारा संचालित किया जाता है।
इस योजना के अंतर्गत अपना खाता खुलवाने के लिए बालिका के एवं उसके माता-पिता को कुछ महत्वपूर्ण दस्तावेज जैसे कि आधार नंबर, पैन नंबर आदि जमा करने होंगे।
इस योजना के अंतर्गत खाता खुलवाने के लिए न्यूनतम 250 रुपए प्रतिवर्ष का निवेश करना होगा।
यदि न्यूनतम निवेश नहीं किया जाएगा तो खाता डिफॉल्ट हो जाएगा।
डिफॉल्ट खाते को 15 साल की अवधि के अंतर्गत दोबारा से खुलवाया जा सकता है।
जिसके लिए डिफॉल्ट के प्रत्येक वर्ष के न्यूनतम 250 रुपए की राशि जमा करनी होगी।
इस योजना के अंतर्गत अधिकतम राशि जमा करने की सीमा ₹150000 है।
निवेश की राशि पर सरकार द्वारा 7.60% का इंटरेस्ट प्रदान किया जाता है।
बालिका की शिक्षा के लिए अकाउंट को मैच्योरिटी से पहले 50% राशि निकाली जा सकती है एवं 50% राशि बालिका की 18 वर्ष की आयु पूर्ण होने के पश्चात निकाली जा सकती है।
सुकन्या समृद्धि खाता, खाता खुलवाने की तिथि से 21 वर्ष की अवधि के बाद मैच्योर हो जाता है।
बालिका का विवाह होने पर इस खाते को बंद करवाया जा सकता है।

अटल पेंशन योजना
प्रधान मंत्री अटल पेंशन योजना

अटल पेंशन योजना क्या है और कैसे योजना का लाभ प्राप्त करे

अटल पेंशन योजना
अटल पेंशन योजना

1 जून 2015 को हमारे देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के द्वारा अटल पेंशन योजना को आरंभ किया गया था। Atal Pension Yojana के माध्यम से 60 वर्ष की आयु पूरी होने के पश्चात पेंशन प्रदान की जाती है। इस योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए लाभार्थी को 18 वर्ष से 40 वर्ष की आयु के बीच निवेश करना होता है। लाभार्थियों को इस योजना के माध्यम से ₹1000 से लेकर ₹5000 की मासिक पेंशन प्रदान की जाती है। पेंशन की राशि लाभार्थियों के द्वारा किए गए निवेश एवं उनकी आयु को ध्यान में रखते हुए निर्धारित की जाती है। इसके अलावा असामयिक मृत्यु की दशा में लाभार्थी के परिवार को इस योजना का लाभ प्रदान किया जाता है।

इस योजना के तहत आवेदन करने वाले आवेदक को हर महीने प्रीमियम जमा करना होगा | उसके बाद आवेदक की  60 वर्ष की आयु पूरी होने के बाद सरकार द्वारा मासिक पेंशन के रूप में बुढ़ापे में आर्थिक सहायताप्रदान की जाएगी | Atal Pension Yojana में आवेदन करने के लिए लाभार्थियों की उम्र 18 से 40 वर्ष होनी चाहिए तभी वह इस योजना का लाभ उठा सकते है | अगर कोई लाभार्थी 18 वर्ष की आयु में इस योजना से जुड़ना चाहता है तो उन्हे 210 रूपये का प्रीमियम हर महीने देना होगा तथा जिनकी आयु 40 वर्ष है तो उन्हें 297 से लेकर 1 ,454 रूपये तक का प्रीमियम देना होगा |

NPS, APY में खाताधारक UPI के माध्यम से कर सकेंगे ‌अपना अंशदान

हाल ही में Atal Pension Yojana, National Pension Scheme 2022-23 के खाताधारकों के लिए पेंशन फंड रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी पीएफआरडीए ने एक नई सुविधा शुरू की है। इस सुविधा के अनुसार अब एनपीएस के खाताधारक अपना अंशदान यूपीआई यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस के माध्यम से कर सकते हैं। पहले एनपीएस के खाताधारक केवल नेट बैंकिंग के माध्यम से ही अपना अंशदान जमा कर सकते थे। शुरू हुई इस नई सुविधा के माध्यम से अब नेशनल पेंशन स्कीम के तहत अंशदान करना ओर अधिक सरल हो जाएगा। क्योंकि यूपीआई पेमेंट सिस्टम एक “रियल टाइम पेमेंट प्रोसेस” है। इस प्रोसेस के माध्यम से खाताधारक एक खाते से दूसरे खाते में चंद मिनटों में पैसे ट्रांसफर कर सकता है।

National Pension Scheme, Atal Pension Yojana के तहत UPI से पेमेंट कैसे करें?

इस योजना के तहत जो इच्छुक खाताधारकों अपना अंशदान यूपीआई के माध्यम से करना चाहते हैं वह हमारे द्वारा नीचे दी गई प्रक्रिया को फॉलो करें।

  • सबसे पहले आपको नेशनल पेंशन स्कीम की अधिकारिक वेबसाइट पर जाना है।
  • इसके बाद आपको अपना पैन नंबर दर्ज करना है‌।
  • अब आपके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर और ईमेल पर एक ओटीपी आएगा जिसे आपको दर्ज करना है।
  • इसके बाद आप एनपीएस टियर 1 या 2 में से किसी एक विकल्प का चयन करना है।
  • अब आपको वर्चुअल अकाउंट वीए का चुनाव करना है।
  • इसके बाद आपके बैंक एप्लीकेशन भेजा जाएगा और फिर आपको एक्नॉलेजमेंट नंबर प्राप्त होगा।
  • अब आपको आगे यूपीआई पेमेंट के विकल्प का चयन करना है।
  • इसके बाद अपना वर्चुअल अकाउंट नंबर और यूपीआई नंबर दर्ज करना है।
  • अब आप यूपीआई का पिन डालकर अपना पेमेंट कर दे।
  • इस प्रकार आप नेशनल पेंशन स्कीम के तहत यूपीआई से पेमेंट कर सकते हैं।

Atal Pension Yojana के अंतर्गत कुल खातों की संख्या 4 करोड़ के पार

मार्च 2022 तक अटल पेंशन योजना के अंतर्गत 99 लाख अकाउंट खोले गए हैं। जिसके पश्चात इस योजना के अंतर्गत कुल खातों की संख्या 4.01 करोड हो गई है। इस बात की जानकारी यूनियन मिनिस्ट्री ऑफ फाइनेंस द्वारा 21 अप्रैल 2022 को प्रदान की गई। कुल एनरोलमेंट में से 71% इनरोलमेंट पब्लिक सेक्टर बैंक से, 19% एनरोलमेंट रीजनल रूरल बैंक से, 6% प्राइवेट सेक्टर बैंक से तथा 3% पेमेंट एवं स्मॉल बैंक के माध्यम से किए गए हैं। 31 मार्च 2022 तक किए गए कुल एनरोलमेंट में से 80% खाताधारकों द्वारा ₹1000 रुपए का पेंशन प्लान का विकल्प का चयन किया गया है एवं 13% खाताधारकों द्वारा ₹5000 की पेंशन प्लान का चयन किया गया है। कुल सब्सक्राइबर में से 44% सब्सक्राइबर महिलाएं हैं एवं 56% साइबर पुरुष है। खाताधारकों में से 45% खाताधारकों की उम्र 18 से 25 वर्ष के बीच है।

71 लाख लाभार्थियों को प्राप्त हो रहा है Atal Pension Yojana का लाभ

संसद के माध्यम से 8 फरवरी 2022 को यह सूचना प्रदान की गई है कि Atal Pension Yojana के अंतर्गत 24 जनवरी 2022 तक ग्राहकों की संख्या 71 लाख से अधिक हो गई है। इस योजना को मई 2015 में आरंभ किया गया था जिसका उद्देश्य लाभार्थियों के लिए सर्व भौमिक सामाजिक सुरक्षा प्रणाली बनाना है। इस योजना का संचालन पेंशन फंड नियामक और विकास प्राधिकरण द्वारा किया जाता है। वित्तीय वर्ष 2021-22 के दौरान इस योजना के अंतर्गत लाभार्थियों की संख्या 7106743 हो गई है। वित्त वर्ष 2020 में इस योजना के अंतर्गत ग्राहकों की संख्या 6883373 थी। वित्तीय वर्ष 2019 में इस योजना के अंतर्गत ग्राहकों की संख्या 5712824 थी।

इसके अलावा वित्त वर्ष 2018 में इस योजना के अंतर्गत 4821632 लाभार्थी थे एवं वर्ष 2017 में लाभार्थियों की संख्या 2398934 थी। अटल पेंशन योजना के माध्यम से लाभार्थी ₹1000, ₹2000, ₹3000, ₹4000 और ₹5000 प्रति माह तक की पेंशन प्राप्त कर सकते हैं। यह पेंशन 60 वर्ष की आयु के बाद प्राप्त की जा सकती है। यदि अभिदाता की मृत्यु हो जाती है तो इस स्थिति में मृतक के पति या पत्नी को समान पेंशन की गारंटी भी इस योजना के माध्यम से प्रदान की जाती है।

अटल पेंशन योजना के अंतर्गत कर लाभ

अटल पेंशन योजना को असंगठित क्षेत्र के कर्मचारियों को पेंशन प्रदान करने के लिए आरंभ किया गया था। इस योजना के माध्यम से ₹1000 से लेकर ₹5000 की पेंशन प्रतिमाह 60 वर्ष की आयु पूर्ण होने पर आवेदक के निवेश के अनुसार प्रदान की जाती है। इस योजना के अंतर्गत अब ग्राहकों को कर लाभ भी प्रदान किए जाएंगे। इसकी जानकारी पेंशन फंड रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी द्वारा ट्वीट के माध्यम से प्रदान की गई है। इस ट्वीट में यह बताया गया है कि वह सभी आयकर दाता जो 18 से 40 वर्ष की आयु के भीतर आते हैं वह इस योजना का लाभ उठा सकते हैं और इसी के साथ आयकर अधिनियम के सेक्शन 80CCD (1b) के अंतर्गत इस योजना में किए गए योगदान पर भी लाभ प्राप्त कर सकते हैं।

Atal Pension Yojana का लाभ प्राप्त करने के लिए ग्राहक का सेविंग बैंक अकाउंट या पोस्ट ऑफिस सेविंग अकाउंट होना अनिवार्य है। अटल पेंशन योजना को आधार एक्ट के सेक्शन 7 में भी शामिल कर लिया गया है। वह सभी नागरिक जो इस योजना के अंतर्गत आवेदन करना चाहते हैं उनको अपनी आधार संख्या का प्रमाण प्रस्तुत करना होगा या फिर आधार प्रमाणीकरण के अंतर्गत नामांकन से गुजरना होगा।

Atal Pension Yojana लेनदेन की डिटेल

Atal Pension Yojana को असंगठित क्षेत्रों के नागरिकों के लिए आरंभ की गई थी। यह एक रिटायरमेंट पेंशन योजना है। इस योजना के अंतर्गत लाभार्थियों को प्रीमियम का भुगतान करना होता है। अब सरकार द्वारा अटल पेंशन योजना मोबाइल एप्लीकेशन आरंभ की गई है। इस मोबाइल एप्लीकेशन के माध्यम से अब अटल पेंशन योजना के लाभार्थी हाल के पांच योग दानों की जांच निशुल्क कर सकते हैं। इसी के साथ लेन-देन डिटेल तथा ई PRAN भी डाउनलोड किया जा सकता है। अपनी लेनदेन की डिटेल देखने के लिए लाभार्थी अटल पेंशन योजना की आधिकारिक वेबसाइट पर भी जा सकते हैं। इस वेबसाइट पर जाकर उन्हें लॉग इन करना होगा। जिसके लिए उन्हें अपने PRAN और बचत बैंक खाते की डिटेल देनी होगी। यदि PRAN नंबर नहीं है तो लाभार्थी अपने नाम, खाता तथा जन्म तिथि के माध्यम से भी अपना अकाउंट लॉगिन कर सकता है।

 इस योजना के अंतर्गत आयकर अधिनियम 1961 की धारा 80CCD(1) के अंतर्गत कर लाभ का भी प्रावधान है। उमंग ऐप के माध्यम से अटल पेंशन योजना के अंतर्गत लेनदेन की राशि, सदस्य राशि की कुल होल्डिंग, लेनदेन डिटेल आदि भी देखी जा सकती है।

Atal Pension Yojana 60 वर्ष से पहले एग्जिट

जैसे कि आप सभी लोग जानते हैं अटल पेंशन योजना एक प्रकार की पेंशन है जो रिटायरमेंट के बाद प्रदान की जाती है। इस योजना का लाभ खाता धारक 60 वर्ष की आयु के बाद उठा सकता है। इसके लिए खाताधारक को 60 वर्ष की आयु तक कंट्रीब्यूशन की राशि प्रदान करनी होगी। अटल पेंशन योजना के अंतर्गत 60 वर्ष से पहले खाताधारक योजना से एग्जिट नहीं कर सकता। लेकिन कुछ खास परिस्थितियों में जैसे कि कोई बीमारी या फिर मृत्यु की स्थिति में अटल पेंशन योजना से एग्जिट किया जा सकता है।

अटल पेंशन योजना निकासी

  • 60 वर्ष की आयु पूरी होने पर: 60 वर्ष पूरे होने के बाद अटल पेंशन योजना से ग्राहक निकासी कर सकता है। इस स्थिति में ग्राहक को पेंशन निकासी के बाद पेंशन प्रदान की जाएगी।
  • सब्सक्राइबर की मृत्यु की स्थिति में: यदि सब्सक्राइबर की मृत्यु हो जाती है तो पेंशन की राशि सब्सक्राइब के पति या पत्नी को प्रदान की जाएगी। और यदि दोनों की मृत्यु हो जाती है तो पेंशन कॉरपस उनके नॉमिनी को लौटा दिया जाएगा।
  • 60 वर्ष की आयु से पहले निकासी: अटल पेंशन योजना से 60 वर्ष से पहले निकासी की अनुमति नहीं है। लेकिन कुछ असाधारण परिस्थितियों में विभाग द्वारा इसकी अनुमति दी गई है। जैसे कि यदि लाभार्थी की मृत्यु हो जाती है या फिर किसी टर्मिनल रोक की स्थिति में।

अटल योजना के अंतर्गत डिफॉल की स्थिति में शुल्क

₹100 प्रति माह तक के कंट्रीब्यूशन के लिए₹1
₹101 से ₹500 प्रति माह के कंट्रीब्यूशन के लिए₹2
₹501 से ₹1000 प्रति माह के कंट्रीब्यूशन के लिए₹5
₹1001 से ऊपर के कंट्रीब्यूशन के लिए₹10

अटल पेंशन योजना के अंतर्गत कर लाभ

नेशनल पेंशन स्कीम की तरह ही यदि आप Atal Pension Yojana में निवेश करते हैं तो आपको कर लाभ प्रदान किए जाएंगे। यह कर लाभ इनकम टैक्स एक्ट के सेक्शन 80 CCD (1B) के अंतर्गत प्रदान किए जाएंगे। सेक्शन 80 CCD (1B) के अंतर्गत निवेशक को ₹50000 की इनकम टैक्स डिडक्शन प्रदान की जाएगी।

Atal Pension Yojana Apply

अटल पेंशन योजना में शामिल होने के लिए लाभार्थियों का बैंक खाता होना अनिवार्य  है तथा बैंक खाता आधार कार्ड से लिंक होना चाहिए | जो लोग आयकर दाता है तथा सरकारी नौकरी वाले है वो लोग इस योजना का लाभ नहीं उठा सकते है |जो भी इच्छुक लाभार्थी है वो भारत देश के किसी भी राष्ट्रीयबैंक में जाकर अटल पेंशन योजना का खाता खोल सकते है|

सब्सक्राइबर सूचना अलर्ट

  • अटल पेंशन योजना के अंतर्गत ग्राहकों को खाते में शेष राशि, अंशदान क्रेडिट आदि से संबंधित जानकारी एसएमएस के माध्यम से प्रदान की जाती है।
  • लाभार्थी गैर वित्तीय विवरण जैसे कि नामांकित व्यक्ति का नाम, पता, फोन नंबर आदि को भी एसएमएस के माध्यम से बदल सकता है।
  • सभी ग्राहक अपने मोबाइल फोन के माध्यम से सदस्यता, खाते के ऑटो डेबिट और खाते में शेष राशि से संबंधित जानकारी एसएमएस के माध्यम से प्राप्त कर सकते हैं।

Atal Pension Yojana नामांकन एवं भुगतान

  • सभी पात्र नागरिक खाते में ऑटो डेबिट सुविधा उपलब्ध करवाने के पश्चात अटल पेंशन योजना में शामिल हो सकता है।
  • खाताधारक को लेट पेमेंट पेनेल्टी से बचने के लिए निर्धारित तिथि पर अपने बचत खाते में आवश्यक शेष राशि रखनी अनिवार्य है।
  • पहले कंट्रीब्यूशन के भुगतान के आधार पर ही प्रतिमाह मासिक अंशदान भुगतान करना होता है।
  • यदि लाभार्थी द्वारा समय से भुगतान नहीं किया जा रहा है तो इस स्थिति में अकाउंट को बंद कर दिया जाएगा और यदि भारत सरकार द्वारा दिया गया कोई योगदान है तो उसे भी जप्त कर लिया जाएगा।
  • इस योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए यदि खाताधारक द्वारा कोई भी गलत जानकारी प्रदान की गई है तो इस स्थिति में सरकारी योगदान को दंडमय ब्याज के साथ जप्त कर लिया जाएगा।
  • इस योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए आधार कार्ड होना अनिवार्य है।
  • लाभार्थी 1000 से 5000 के बीच की पेंशन प्राप्त करने का ऑप्शन का चयन कर सकता है। जिसके लिए लाभार्थी को समय से अपना कंट्रीब्यूशन जमा करना होगा।
  • लाभार्थी द्वारा पेंशन की राशि को घटाया या बढ़ाया भी जा सकता है।
  • पेंशन की राशि को केवल अप्रैल माह में ही घटाया या बढ़ाया जा सकता है।
  • प्रत्येक ग्राहक को अटल पेंशन योजना में शामिल होने के पश्चात एक पावती पर्ची प्रदान की जाएगी जिसमे निश्चित रूप से गारंटी कृत पेंशन राशि, योगदान भुगतान की दे तिथि आदि रिकॉर्ड की जाएगी।

Atal Pension Yojana नामांकन एजेंसी

  • बैंक, पीओपी या एग्रीगेटर के रूप में परिचालन गतिविधियों के लिए बीसी/मौजूदा गैर बैंकिंग एग्रीगेटर, माइक्रो बीमा एजेंटों और म्यूचुअल फंड एजेंटों को इनेबलर के रूप में नियुक्त कर सकता है।
  • बैंक द्वारा उनके साथ पीएफआरडीए/सरकार से प्राप्त प्रोत्साहन को साझा किया जा सकता है।
  • इस योजना का संचालन पेंशन फंड रेगुलेटरी एवं डेवलपमेंट अथॉरिटी के द्वारा किया जाता है।
  • एनपीएस के संस्थागत ढांचे का उपयोग ए पी वाई के अंतर्गत ग्राहकों को नामांकित करने के लिए किया जाएगा।
  • अटल पेंशन योजना के ऑफर डॉक्यूमेंट को अकाउंट ओपनिंग फॉर्म के साथ पीएफआरडीए द्वारा तैयार किया जाएगा।

Atal Pension Yojana के कुछ महत्वपूर्ण निर्देश

  • Atal Pension Yojana के अंतर्गत पेंशन की राशि का 50% हिस्सा या ₹1000 जो भी कम हो केंद्र सरकार द्वारा प्रत्येक लाभार्थी को प्रदान किया जाएगा।
  • यह लाभ उन सभी लाभार्थियों को प्रदान किया जाता है जिन्होंने 1 जून 2015 से 31 मार्च 2016 के बीच इस योजना के अंतर्गत आवेदन किया है एवं किसी अन्य सोशल सिक्योरिटी स्कीम के लाभार्थी एवं इनकम टैक्स पेयर नहीं है।
  • अटल पेंशन योजना को आधार एक्ट के सेक्शन 7 के अंतर्गत शामिल कर लिया गया है। अब इस योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए आधार नंबर देना अनिवार्य है।
  • इस योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए आवेदक के पास बचत खाता होना अनिवार्य है।
  • आवेदन के समय आवेदक को नॉमिनी से संबंधित जानकारी जमा करनी होगी।
  • इस योजना का लाभ केवल भारत के मूल निवासी प्राप्त कर सकते हैं। यदि कोई लाभार्थी इस पेंशन की अवधि के दौरान non-resident हो जाता है तो उसका खाता बंद कर दिया जाएगा और उसके द्वारा जमा की गई राशि को वापस कर दिया जाएगा।
  • उपभोक्ता द्वारा पेंशन की राशि को बढ़ाया या घटाया भी जा सकता है।
  • पेंशन को अपग्रेड करने के लिए अंशदाताओं को 8% प्रतिवर्ष की दर से अनुदान की अंतर की राशि का भुगतान करना होगा।
  • यदि अंशदाता पेंशन की राशि को घटना चाहता है तो इस स्थिति में अंशदाता से एकत्र किए गए अंशदान की अतिरिक्त राशि उत्पन्न रिटर्न के साथ सब्सक्राइबर को वापस कर दी जाएगी।
  • त्रुटि के मामले के अलावा अपग्रेडेशन या डाउनग्रेडेशन के लिए ग्राहक को ₹50 के शुल्क का भुगतान करना होगा जो कि POP – APYSP एवं सीआरए द्वारा समान रूप से साझा किया जाएगा।

अटल पेंशन योजना मुख्य तथ्य

  • अटल पेंशन योजना को केंद्र सरकार द्वारा मई 2015 में आरंभ किया गया था।
  • इस योजना के माध्यम से आप रिटायरमेंट के बाद भी हर महीने पेंशन प्राप्त कर सकते हैं।
  • यह योजना सभी असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले कर्मचारियों के लिए है।
  • इस योजना का लाभ उठाने के लिए आपको 20 वर्ष तक निवेश करना होता है।
  • यह निवेश आप 18 वर्ष की आयु से लेकर 40 वर्ष की आयु तक कर सकते हैं।
  • 60 वर्ष की उम्र के बाद आपको पेंशन की राशि प्रदान की जाती है।
  • इस योजना के अंतर्गत 1000, 2000, 3000 और ₹5000 की पेंशन प्राप्त की जा सकती है।
  • पेंशन की रकम इस बात पर निर्भर करती है कि आपने प्रतिमाह कितने प्रीमियम का भुगतान किया है और किस उम्र से निवेश करना आरंभ किया है।
  • यदि आप की उम्र 20 वर्ष है और आप ₹2000 की पेंशन प्राप्त करना चाहते हैं तो आपको प्रतिमाह ₹100 का प्रीमियम देना होगा और यदि आप ₹5000 की पेंशन प्राप्त करना चाहते हैं तो आपको प्रतिमाह ₹248 का प्रीमियम देना होगा।
  • यदि आप की उम्र 35 वर्ष है और आपको ₹2000 की पेंशन प्राप्त करना चाहते हैं तो आपको ₹362 का प्रीमियम देना होगा और ₹5000 की पेंशन प्राप्त करने के लिए ₹902 का प्रीमियम देना होगा।
  • आपके निवेश के साथ ही इस योजना के अंतर्गत 50% रकम का भुगतान सरकार द्वारा भी किया जाएगा।
  • यदि अकाउंट होल्डर की 60 वर्ष की आयु से पहले मृत्यु हो जाती है तो इस योजना का लाभ अकाउंट होल्डर के परिवार को प्रदान किया जाएगा।
  • इस योजना का लाभ उठाने के लिए बैंक खाता होना अनिवार्य है।
  • अटल पेंशन योजना का लाभ केवल वही नागरिक उठा सकते हैं जो इनकम टैक्स स्लैब से बाहर है।

APY के तहत सरकार का सह-समन्वय प्राप्त करने के लिए कौन पात्र नहीं है?

किसी भी वैधानिक सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के लाभार्थी APY के तहत सरकारी सह-योगदान का लाभ प्राप्त करने के लिए पात्र नहीं हैं। नीचे, हमने कुछ अधिनियमों को साझा किया है, जिसके लिए सरकार का समन्वय प्रदान नहीं किया गया है-

  • कर्मचारी भविष्य निधि और विविध प्रावधान अधिनियम, 1952।
  • कोयला खान भविष्य निधि और विविध प्रावधान अधिनियम, 1948।
  • सीमन्स प्रोविडेंट फंड एक्ट, 1966
  • असम चाय बागान भविष्य निधि और विविध प्रावधान, 1955।
  • जम्मू कश्मीर कर्मचारी भविष्य निधि और विविध प्रावधान अधिनियम, 1961।
  • कोई अन्य वैधानिक सामाजिक सुरक्षा योजना।
  • APY योगदान चार्ट

Atal Pension Yojana 2022 के ज़रूरी दस्तावेज़ (पात्रता)

  • आवेदक भारतीय नागरिक होना चाहिए |
  • उम्मीदवार की आयु 18 से 40 वर्ष होनी चाहिए |
  • आवेदक का बैंक खाता होना चाहिए तथा बैंक खाता आधार कार्ड से लिंक होना चाहिए |
  • आवेदक का आधार कार्ड
  • मोबाइल नंबर 
  • पहचान पत्र
  • स्थायी पता का प्रमाण
  • पासपोर्ट साइज फोटो

APY Scheme Contribution Chart

Age of entryYears of contributionFirst Monthly pension of Rs.1000/-Second Monthly pension of Rs.2000/-Third Monthly pension of Rs.3000/-Fourth Monthly pension of Rs.4000/-Fifth Monthly pension of Rs.5000/-
18424284126168210
19414692138183224
204050100150198248
213954108162215269
223859117177234292
233764127192254318
243670139208277346
253576151226301376
263482164246327409
273390178268356446
283297194292388485
2931106212318423529
3030116231347462577
3129126252379504630
3228138276414551689
3327151302453602752
3426165330495659824
3525181362543722902
3624198396594792990
37232184366548701087
38222404807209571196
392126452879210541318
402029158287311641454

अटल पेंशन योजना 2022 के लिए आवेदन कैसे करे?

  • जो इच्छुक व्यक्ति प्रधानमंत्री अटल पेंशन योजना के अंतर्गत आवेदन करना चाहते हैं वह सर्वप्रथम किसी भी राष्ट्रीय बैंक में अपना बचत खाता खुलवा ले |
  • उसके बाद प्रधानमंत्री अटल पेंशन योजना के लिए आवेदन फॉर्म में पूछी गयी सभी जानकारी जैसे आधार कार्ड ,मोबाइल नंबर आदि भर दीजिये
  • आवेदन फॉर्म भरने के पश्चात् बैंक मैनेजर के पास जमा कर दीजिये |इसके बाद आपके सभी पत्रों का सत्यापन कर अटल पेंशन योजना के अंतर्गत आपका बैंक खाता खोल दिया जायेगा |

महत्वपूर्ण फॉर्म्स

APY Subscriber Registration FormClick Here
APY Subscriber Registration Form – Swavalamban Yojana SubscribersClick Here
Subscriber details Modification and Change of APY-SP FormClick Here
Form to upgrade / downgrade pension amount under APYClick Here
APY Death & Spouse Continuation FormClick Here
Voluntary Exit APY Withdrawal FormClick Here
APY Application for Banks to be registered under Atal Pension YojanaClick Here
APY – Service Provider Registration FormClick Here
Subscriber Grievance Registration(G1) Form for APY SubscriberClick Here
APY Common GrievanceClick Here
mpbse
MPBSE 2023 Dummy Admit Card चेक किया क्या ?
MPBSE RESULT

मध्य प्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल भोपाल

मध्य प्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल भोपाल ने मुख्य परीक्षा 2023 में एडमिट कार्ड जारी करने के पहले इस बार dummy admit card डाउनलोड करने की सुविधा दी है , सामान्यता ये देखा जाता है की मुख्य परीक्षा में छात्रों को परीक्षा के ठीक पहले मुख्य परीक्षा में एडमिट कार्ड जारी किये जाते थे , और मुख्य परीक्षा में एडमिट कार्ड में किसी प्रकार की त्रुटि (नाम, जन्म तिथि विषय कोड आदि होने पर उसे सुधार करने के लिए लम्बा समय और प्रक्रिया होती थी जिससे छात्र परेशान होते थे , इस समस्या से बचने मध्य प्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल भोपाल ने मुख्य परीक्षा 2023 में एडमिट कार्ड जारी करने के पहले इस बार dummy admit card डाउनलोड करने की सुविधा दी है , छात्र या स्कूल प्रवंधन 30 नबंबर 2022 तक dummy admit card डाउनलोड कर सकते है और उसमे दर्ज जानकारी को चेक कर सकते है किसी प्रकार की त्रुटि होने पर 31 दिसम्बर 2022 तक वो mponline के माध्यम से सुधार करा सकते है , जिसके लिए सामान्य शुल्क लागू होगा dummy admit card डाउनलोड करने नीचे दिए लिंक का प्रयोग कर आप dummy admit card डाउनलोड कर सकते है

अधिक जानकारी के लिए हमारा यूट्यूब विडिओ देखे

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भगवान हनुमान के चित्र वाला केक काट कर घिरे मध्यप्रदेश के पूर्व CM कमलनाथ

मध्यप्रदेश के पूर्व CM कमलनाथ और मध्यप्रदेश कोंग्रेस अध्यक्ष श्री कमलनाथ द्वारा भगवन श्री हनुमान और मंदिर की आकृति वाला चार मंजिला केक कटा गया , बताया जा रहा है छिंदवाड़ा के शिकारपुर स्थित आवास में समर्थको के द्वारा केक लाया गया था जिसे श्री कमलनाथ द्वारा कटा गया , जिस पर मध्यप्रदेश का सियासत गर्म हो गया है , वर्तमान मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा कमलनाथ को बगुला भगत शब्द से सम्बोधित किया गया और सनातन परंपरा का अपमान बताया , वोट बैंक के लिए कमलनाथ को हनुमान याद आते है इनको हिन्दू समाज कभी माफ़ नहीं करेगा , भाजपा ने इसके विरोध में छिंदवाड़ा में हनुमान मंदिर में भजन कीर्तन किया

kamalnath
password
34 लाख भारतीय पासवर्ड में एक ही शब्द ‘Password’ का इस्तेमाल करते
password

साइबर सिक्योरिटी पर काम करने वाली वैश्विक संस्था नार्डपास. कॉम ने अभी हाल में एक रिपोर्ट जारी की थी जिसमें 200 सबसे कमजोर और जल्दी हैक हो सकने वाले पासवर्ड की लिस्ट जारी की गई थी.

देश में 68 करोड़ से ज्यादा लोग सोशल मीडिया, बैंकिंग , UPI या किसी न किसी ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से जुड़े है इनके अकाउंट को सुरक्षित रखने पासवर्ड एक ताले की चाबी की तरह होता है एक अंतर्राष्ट्रीय संस्था नार्डपास ने वर्ष 2022 के सबसे ज्यादा कॉमन पासवर्ड की सूची जारी की है , नार्डपास ने ये रिसर्च भारत सहित 30 देशो में की है, रिसर्च के अनुशार कुल 49 लाख लोगो ने ने अपने पासवर्ड के रूप में ‘PASSWORD’ को ही चुना इनमे से 35 लाख तो केवल भारतीय लोग थे , 75 हज़ार से ज्यादा भारतीय पासवर्ड ने ‘Bigbasket’ शब्द का इस्तेमाल कर रहे है नार्डपास पाया की लोग स्पोर्ट टीम , मूवी कैरेक्टर , फ़ूड आइटम से से जुड़े पासवर्ड का प्रयोग सबसे ज्यादा करते है

भारत में qwerty, anmol123, googledummy जैसे शब्दों का ज्यादा प्रयोग किया जा रहा साथ ही लोग अपनी प्रेमिका, पत्नी, बच्चो या India@123 जैसे शब्दों को पासवर्ड के रूप में इस्तेमाल कर रहे,

इससे लोगो के सोशल मीडिया, बैंकिंग , UPI या किसी न किसी ऑनलाइन प्लेटफॉर्म को एक मिनिट से भी कम समय में ब्रेक किया जा सकता है इसीलिए आप अगर इन शब्दों का प्रयोग करते है तो साबधान हो जाये और आपने पासवर्ड को अधिक सुरक्षित बनाये और समय समय पर पासवर्ड को बदलते रहे म साथ ही पासवर्ड या OTP को किसी के साथ साझा न करे

पासवर्ड में इन शव्दो का ज्यादा प्रयोग

PASSWORD
123456
123345678
BIGBASKET
123456789
PASS@123
1234567890
ANMOL123
ABCD1234
GOOGLEDUMMY

आजकल जल्दी में काम निपटाने के लिए लोग कार्ड या ऑनलाइन ट्रांजेक्शन पर ध्यान देते हैं. यह काम कम समय में हो जाता है लेकिन इसके कई खतरे हैं. स्वाइप मशीन या पीओएस से भी ट्रांजेक्शन किया जाता है. इन साधनों के साथ फ्रॉड के खरते भी बढ़ रहे हैं. इससे बचने का सिर्फ एक ही तरीका है कि यूजर अपने मोबाइल फोन में इंटरनेट बैंकिंग का उपयोग करते वक्त स्ट्रांग पासवर्ड का इस्तेमाल करें. पासवर्ड कभी भी साधारण नहीं रखें. उसमें शब्द और संख्या मिलाकर डालें. कुछ स्पेशल कैरेक्टर्स भी डाल सकते हैं. बैंकिंग सुरक्षा के लिए यह सलाह दी जाती है कि पासवर्ड मोबाइल या अपने कंप्यूटर पर लिख कर नहीं रखें. किसी व्यक्ति को इसकी जानकारी न दें और समय-समय पर इसे बदलते रहें.

आजकर जिस तेजी से फ्रॉड की घटनाएं बढ़ रही हैं, उससे कस्टमर के साथ-साथ बैंकों की भी परेशानी बढ़ रही है. कस्टमर का पैसा गायब होता है तो बैंकों की जिम्मेदारी होती है उसे समय पर लौटाएं और कस्टमर्स को उच्च स्तर की सुरक्षा दें. कस्टमर को जब तक बैंक पर भरोसा नहीं होगा, बैंक का काम तेजी से नहीं बढ़ेगा. फिशिंग, ट्रोजन या मैलवेयर जैसे खतरे जिस तेजी से बढ़ रहे हैं, उसके बारे में बैंक समय-समय पर लोगों को आगाह करते हैं. हाल के दिनों में सिम स्वैप की घटनाएं भी बढ़ी हैं जिसे लेकर बैंकों ने अपने कस्टमर्स को सावधान किया है.

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बचत और निवेश एक सुगम आर्थिक मार्ग : प्रदीप कुमार जैन “लिम्का बुक आफ रिकार्डस” धारक 

“अल्प बचत से (बूँद -बूँद से बनता सागर) कैपिटल फारमेशन एक सुगम आर्थिक मार्ग” : प्रदीप कुमार जैन (PennyWise)

जैसा कि हम सभी जानते हैं कि हम जिस समाज में रहते हैं वहाँ की हर आवश्यकता की पूर्ति के लिए धनराशि की आवश्यकता होती है हर एक साधारण नागरिक के पास छोटी-छोटी धनराशि हमेशा उपलब्ध पर और वह उसे बडा़ बनाने की इच्छा ही नहीं हर संभव प्रयास करना चाहता है किन्तु मार्गदर्शन के अभाव में ऐसा नहीं कर पाता है मैंने अर्थशास्त्र में मास्टर तक शिक्षा प्राप्त करी है तथा कोरबा (छत्तीसगढ़)जैसे विकास की मुख्यधारा से दूर स्थान पर 36 वर्ष से ज्यादा समय तक रहकर मेरे इस अनुकरणीय कार्य का राष्ट्रीय कीर्तिमान वर्ष 1997 में जो कि हमारे देश की स्वतन्त्रता दिवस की पचासवीं वर्षगाँठ वर्ष था में इस कार्य को अनोखे तरीके से कार्य करने वाली संस्था “लिम्का बुक आफ रिकार्डस” ने अपने पेज क्रमांक 176 पर PennyWise के नाम से दर्ज किया है।

 आज हमारे देश की जनता की व्यक्तिगत एवं रोजाना की घरेलू आवश्यकता की पूर्ति के लिए नियमित, स्वअनुशासित तरीके से लम्बे समय के लिए “अल्प बचत” करने की आदत डालने की आवश्यकता है तथा आम जनता सफल रोल माडल की वर्किंग स्टाइल की नकल करना सहज स्वीकार करना आसान मानती है और इस प्रक्रिया से “कैपिटल फारमेशन” होगा ।

बचत सभी करना चाहते हैं और शायद यह जानकर आपको आश्चर्य होगा कि बचत करना सबसे ज्यादा कष्ट का कार्य है।बचत करने के लिए अपनी इच्छाओं को पोस्टपोन् करना पड़ता है।मैंने अल्प बचत करने के दो बार राष्ट्रीय कीर्तिमान बनाकर कीर्तिमानों को दर्ज करनेवाली संस्था लिम्का बुक आफ रिकार्डस में आजा से 24 वर्ष पहले देश की स्वतन्त्रता दिवस की 50 वीं सालगिरह वर्ष पर देश को अनोखा गिफ्ट दिया था और इस वर्ष देश की स्वतन्त्रता दिवस के 75 वीं सालगिरह वर्ष में आपके साथ शेयर कर रहा हूँ।

मैंने 1979 में कक्षा 11वीं की बोर्ड परीक्षा पास करी नम्बर भी ज्यादा नहीं आऐ टोटल परसेन्टेज 54.12 थे।और उसी वर्ष से PRE ENGINEERING TEST (PET) की शुरूआत हुई थी।और मेरे सहपाठी छात्रों को जिनके 48% अंक आऐ थे उन्हें भी प्रदेश के किसी न किसी इंजीनियरिंग कालेज में सीट मिल ही गई थी।
मैं चूँकि आर्थिक रूप से कमजोर परिवार का सदस्य था तो मेरी आवश्यकता जल्दी से जल्दी पैसा कमाने की थी।
तो मैंने आई.टी.आई. में प्रशिक्षण प्राप्त करने के लिऐ रेडियो एवं टेलीविजन ट्रेड से करने के लिऐ एडमिशन लिया।
वर्ष 1981 में मेरा आई.टी.आई. का दो वर्षों की प्रशिक्षण अवधि पूरी हुई।
वर्ष 1982 में “एशियाड -82” का आयोजन हमारे देश में होना था एवं तात्कालीन प्रधानमंत्री महोदया ने अपनी इच्छा व्यक्त करी की “एशियाड -82” का लाइव टेलीकास्ट कम से कम हर राज्य के एक शहर में दूरदर्शन के माध्यम से अवश्य होगा।उनकी इस इच्छा से मेरे जैसे प्रशिक्षुकों को रोजगार प्राप्त होने की उम्मीद जगी।
हालाँकि मुझे 1982 में ही “केंपस सिलेक्शन पद्धति” पर रोजगार का अवसर “भारत अल्युमिनियम कंपनी लिमिटेड”बालकोनगर,कोरबा -जिला बिलासपुर में मिला।
उस समय यह स्थान भौगोलिक दृष्टिकोण से विकास की मुख्यधारा से बहुत दूर स्थित था।
सिलेक्शन पश्चात मेडिकल एक्जामिनेशन पास करना आवश्यक था।जो करीब 3 दिन चलता था।
मेडिकल एक्जाम पास होने की रिपोर्ट के लिऐ 3 से 5 दिन इंतजार करना पड़ता है।
पास होने की स्थिति में एक बाँड भरना पड़ता था जिसे “साल्वेन्सी” के नाम से जाना जाता था।
फिर एक वर्ष की अवधि के लिऐ प्रशिक्षण पर नियुक्ति करी जाती थी।
एक वर्षीय प्रशिक्षण पूर्ण होने पर 27 फरवरी 1984 से कंपनी के नियमित कर्मचारी के रूप में नियुक्ति मिली।

कीर्तिमान रचना बुरा नहीं किन्तु हमारे देशभर में कीर्तिमानों को रचने वाले कीर्तिमान धारकों को कोई कल्याणकारी सुविधा नहीं है न तो किसी सामाजिक संस्था के द्वारा और न ही सरकार के द्वारा जबकि कीर्तिमान रचने में जो मेहनत लगती है वह “आउट आफ एनी यूनीवर्सिटी सिलेबस” से ज्यादा लगती है।

लेख : प्रदीप कुमार जैन “लिम्का बुक आफ रिकार्डस” धारक