Archives May 2023

पोस्ट ऑफिस KVP (Kisan Vikas Patra) एक सुरक्षित निवेश विकल्प

पोस्ट ऑफिस सामुदायिकों के लिए महत्वपूर्ण डाक सेवाओं के साथ-साथ विभिन्न निवेश सेवाएं भी प्रदान करता है। एक ऐसा प्रमुख निवेश विकल्प है किसान विकास पत्र (KVP) जो पोस्ट ऑफिस में उपलब्ध होता है। इस लेख में, हम KVP की विशेषताओं, लाभों, और महत्व की बात करेंगे जो यहां पोस्ट ऑफिस KVP के रूप में एक सुरक्षित निवेश विकल्प के रूप में प्रमुखता देता है।

  1. KVP की परिचय: किसान विकास पत्र एक निवेश योजना है जिसे भारतीय सरकार द्वारा प्रदान किया जाता है। इसका उद्देश्य निवेशकों को दीर्घकालिक बचत को प्रोत्साहित करना है जबकि निश्चित रिटर्न्स की गारंटी भी सुनिश्चित की जाती है। KVP को देशभर में निर्दिष्ट पोस्ट ऑफिसों पर खरीदा जा सकता है, जिससे इसे विभिन्न निवेशकों के लिए आसानी से पहुंचने योग्य बनाया जाता है।

  2. KVP की विशेषताएँ:

  • निवेश की अवधि: KVP में निवेश की अवधि पांच वर्ष होती है। इसके दौरान, निवेशक को नियमित ब्याज की प्राप्ति होती है और अंत में मूल राशि के साथ प्राप्त की जाती है। इसे निवेशकों की बचत योजनाओं और व्यक्तिगत आर्थिक लक्ष्यों को पूरा करने के लिए विचारशील बनाता है।
  • गारंटीकृत रिटर्न्स: KVP पर निवेश करने पर सरकार द्वारा गारंटीत ब्याज दिया जाता है। इससे निवेशक को सुरक्षित और स्थिर रिटर्न्स की गारंटी मिलती है।
  • प्रतिबंधित निधि: KVP एक प्रतिबंधित निधि है, जिसका अर्थ है कि निवेशक निधि को निवेश के दौरान नहीं वापस कर सकते हैं। इससे लंबे समय तक बचत की उचितता और आवश्यकता प्रोत्साहित होती है।
  1. KVP के लाभ:
  • सुरक्षित निवेश: पोस्ट ऑफिस KVP एक सुरक्षित निवेश विकल्प है जो नियमित रिटर्न्स और प्रमाणित कर रिटर्न्स के रूप में प्रदान किया जाता है।
  • प्राथमिकता: KVP में निवेश करने के लिए कोई प्राथमिकता या न्यूनतम राशि की मांग नहीं होती है। इससे छोटे निवेशकों के लिए भी यह उपयुक्त है जो अधिक धन नहीं निवेश कर सकते हैं।
  • पुनर्निवेश की सुविधा: KVP की अवधि के अंत में, निवेशक निवेश राशि को पुनर्निवेश कर सकते हैं। इससे निवेशकों को बचत योजनाओं में निवेश करने का लाभ मिलता है और उनकी धनराशि को बढ़ाने का एक अच्छा तरीका होता है।

संक्षेप में कहें तो, पोस्ट ऑफिस KVP एक सुरक्षित निवेश विकल्प है जो नियमित रिटर्न्स और प्रमाणित कर रिटर्न्स के साथ प्रदान किया जाता है। यह छोटे निवेशकों के लिए उपयुक्त है और अपने आर्थिक लक्ष्यों को पूरा करने के लिए एक विचारशील निवेश विकल्प है।

लेखकः सुशील मोदी (वित्त सलाहकार एवं इंडिया बुक ऑफ़ रिकार्ड्स धारक) सर्वाधिक पोस्ट ऑफिस NSC में निवेश

MPBSE भोपाल के कक्षा 10वी और 12वी के परीक्षा परिणाम कल 25 मई 2023 को जारी किए जायेंगे
mpbse result

ध्य प्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल (एमपीबीएसई) भोपाल हर वर्ष हजारों छात्रों को माध्यमिक और उच्च माध्यमिक परीक्षाओं में शिक्षा देता है। यह परीक्षा माध्यम से छात्रों की प्रगति और सफलता का मापदंड होता है। इस लेख में, हम एमपीबीएसई भोपाल की आगामी परिणामों पर विचार करेंगे और छात्रों को उन परिणामों के बारे में जानकारी प्रदान करेंगे।


हर साल एमपीबीएसई भोपाल माध्यमिक और उच्च माध्यमिक परीक्षाएं आयोजित करता है। परीक्षा के बाद, परिणाम घोषित करने के लिए थोड़ा समय लगता है। एमपीबीएसई भोपाल के कक्षा 10वी और 12वी के परीक्षा परिणाम कल 25 मई 2023 को जारी किए जायेंगे


एमपीबीएसई भोपाल के परिणाम छात्रों को विभिन्न तरीकों से प्राप्त हो सकते हैं। आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर छात्र अपना परिणाम देख सकते हैं। छात्रों को अपनी परीक्षा रोल नंबर, नाम और अन्य आवश्यक जानकारी के साथ परिणाम की प्राप्ति करनी होगी। इसके अलावा, छात्र अन्य सूचना स्रोतों जैसे कि समाचार पत्र, टेलीविजन, और सरकारी अधिसूचनाओं के माध्यम से भी परिणामों के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।


परिणामों के घोषणा के समय, छात्रों को उनकी सफलता के लिए बधाई देना महत्वपूर्ण है। उन्हें अपने परिणामों पर गर्व महसूस करना चाहिए और अपने भविष्य की योजनाओं को समृद्ध करने के लिए प्रेरित करना चाहिए। उन्हें याद रखना चाहिए कि परिणाम सिर्फ एक मापदंड होता है और वे अपनी मेहनत, तैयारी, और संघर्ष में जारी रखेंगे। एमपीबीएसई भोपाल के कक्षा 10वी और 12वी के परीक्षा परिणाम कल 25 मई 2023 को जारी किए जायेंगे 


एमपीबीएसई भोपाल के आगामी परिणामों की घोषणा छात्रों के लिए उत्साहपूर्ण समय होता है। छात्रों को आधिकारिक वेबसाइट या अन्य सूचना स्रोतों के माध्यम से अपडेट रहना चाहिए। छात्रों को अपने परिणामों पर गर्व महसूस करना चाहिए और अपने भविष्य की योजनाओं को समृद्ध करने के लिए प्रेरित करना चाहिए। परिणाम सिर्फ एक मापदंड होता है, और छात्रों को अपनी मेहनत, तैयारी, और संघर्ष में जारी रखना चाहिए।

जबलपुर, मध्य प्रदेश के गौरव: यूपीएससी टॉपर जातिन जैन की कहानी

जबलपुर, मध्य प्रदेश के गौरव: यूपीएससी टॉपर जतिन जैन(91 रैंक) की कहानी

यूपीएससी (संघ लोक सेवा आयोग) परीक्षा भारत में सरकारी सेवाओं में प्रवेश के लिए एक प्रमुख परीक्षा है। यह परीक्षा वहाँ के युवाओं के लिए एक प्रमुख लक्ष्य है जिनकी मानसिकता, स्वाधीनता और मेहनत उन्हें इस परीक्षा में सफलता प्राप्त करने के लिए प्रेरित करती है। इस लेख में हम जबलपुर, मध्य प्रदेश से आए यूपीएससी टॉपर जतिन जैन पिता समीर जैन की कहानी के बारे में बात करेंगे। उन्होंने अपने परीक्षा में श्रेष्ठ स्थान हासिल किया है और अपने प्रयासों और मेहनत से सभी को प्रेरित किया है।

जतिन जी को UPSC मे चयनित होने पर बधाई,

जतिन जैन पिता समीर जैन, जो जबलपुर, मध्य प्रदेश से हैं, ने यूपीएससी की तैयारी के लिए बहुत मेहनत की है। उन्होंने दिन-रात कठिनाईयों का सामना करते हुए अपनी पढ़ाई में लगातारता बनाई रखी। वे अपने सपनों को साकार करने के लिए पूरी दृढ़ता और समर्पण के साथ काम किया।

जतिन जैन पिता समीर जैन ने अपने लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए निरंतरता का महत्व समझा है। वे निरंतरता के साथ अपने स्टडी प्लान को अनुरूप अपने दैनिक जीवन को आयोजित किया। उन्होंने प्रतिदिन कुछ नया सीखने का प्रयास किया और अपने अध्ययन की गति को बनाए रखने के लिए निरंतर जीवन में सुधार किया।

जतिन जैन पिता समीर जैन को अपनी परीक्षा में शीर्ष स्थान हासिल करने के लिए उन्होंने निरंतर प्रयास किया और सफलता को हासिल किया। यह सबूत है कि सफलता के लिए उम्मीदवार को धैर्य और संघर्ष की आवश्यकता होती है।

यूपीएससी की परीक्षा में सफल होने के लिए सामान्य ज्ञान का अच्छा ज्ञान होना आवश्यक होता है। जतिन जैन ने सामान्य ज्ञान की तैयारी में विशेष महत्व दिया और विभिन्न क्षेत्रों में अच्छी पकड़ बनाई। यह उन्हें परीक्षा में अधिक मार्क्स प्राप्त करने में मदद करता है।

जतिन जैन जैसे यूपीएससी टॉपरों की कहानियां हमें यह दिखाती हैं कि मेहनत, निरंतरता और समर्पण से किसी भी लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है। हमें उनसे प्रेरणा मिलती है कि हम अपने सपनों को पूरा करने के लिए अपार मेहनत करें और निरंतरता से अग्रसर रहें।

जबलपुर, मध्य प्रदेश से सृष्टि जैन: UPSC परिणाम में शानदार सफलता की कहानी

Srushti jain (daughter of Sujeet Jain bhau) has cleared the UPSC exam with a rank of '165'

UPSC (संघ लोक सेवा आयोग) परीक्षा भारत में सबसे प्रतिष्ठित और चुनौतीपूर्ण प्रतियोगी परीक्षाओं में से एक है। यह देश की प्रशासनिक सेवाओं में शामिल होने की आकांक्षा रखने वाले उम्मीदवारों के ज्ञान, योग्यता और नेतृत्व कौशल की परीक्षा करती है। इस लेख में, हम जबलपुर, मध्य प्रदेश से सृष्टि जैन की प्रेरणादायक यात्रा पर विचार करेंगे, जिन्होंने UPSC परीक्षा में 165 रैंक के साथ शानदार सफलता प्राप्त की है, जो उनकी दृढ़ता, मेहनत और अटूट ध्यान का प्रतिपादन करती है।

सृष्टि जैन, जो मध्य प्रदेश के जबलपुर शहर से है, जिनके पिता श्री सुजीत जैन (भाउ) जबलपुर दिगम्बर जैन पंचायत सभा के उपाध्यक्ष है, सृष्टि जैन राष्ट्र की सेवा करने का सपना देखा । उनकी यात्रा उनकी क्षमताओं में विश्वास और सभी रास्ते पर आए बाधाओं को पार करने की अटल इच्छा के साथ शुरू हुई। निरंतर दृढ़ता के साथ, उन्होंने UPSC परीक्षा को क्रैक करने के लिए मार्ग पर प्रवेश किया।

सृष्टि जैन के सफलता के मार्ग पर चुनौतियों से भरी नहीं थी। उन्होंने विभिन्न विद्यालयों और कोचिंग संस्थानों में अपनी तैयारी की और निरंतर मेहनत की। जबलपुर, मध्य प्रदेश की सांस्कृतिक और शिक्षणिक माहौल में बढ़ी हुई उनकी तैयारी ने उन्हें उच्च स्तरीय ज्ञान और आत्मविश्वास प्रदान किया।

सृष्टि जैन की सफलता में उनके समर्पण और परिश्रम का बहुत बड़ा योगदान है। उन्होंने सोशल मीडिया, टेलीविजन, और अन्य माध्यमों के माध्यम से संघ लोक सेवा आयोग के बारे में जागरूकता बढ़ाई और अन्य छात्रों को प्रेरित किया। उन्होंने खुद को परिश्रमी बनाया, अध्ययन करने का समय निकाला, और संघ लोक सेवा की तैयारी में अपना सब कुछ समर्पित किया।


सृष्टि जैन की समर्पितता और मेहनत ने उन्हें UPSC परीक्षा में शानदार सफलता प्राप्त करने के लिए आगे बढ़ाया। उन्होंने अपने प्रयासों के फलस्वरूप यूनियन पब्लिक सर्विस कमीशन की परीक्षा में उच्चतम रैंक प्राप्त की और अपने सपनों को साकार किया।

सृष्टि जैन की UPSC परीक्षा में सफलता उनकी मेहनत, समर्पण और आत्मविश्वास का प्रतीक है। उनकी कहानी हमें यह सिखाती है कि संघ लोक सेवा परीक्षा में सफल होने के लिए समर्पितता, प्रयास और आत्म-विश्वास आवश्यक हैं। सृष्टि जैन ने अपने निरंतर प्रयासों से हमें साबित किया है कि किसी भी लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए कठिनाइयों का सामना करना और निरंतर मेहनत करना महत्वपूर्ण होता है।

रुष्टि जैन, जो जबलपुर, मध्य प्रदेश से हैं, यूपीएससी में टॉपर बनने का सपना पालती रहीं। उनकी यात्रा नजरअंदाज की जाने वाली किसी छोटी से शुरुआत नहीं थी। उन्होंने जीवन के निर्णय और कठिनाइयों के सामना करने के लिए सही मार्ग का चयन किया।

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India Book of Records : Maximum post office national saving certificates invested by a couple  India Book of Records

Maximum post office national saving certificates invested by a couple under India Book of Records 2024

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एक कहावत है की बूँद बूँद से घड़ा भरता है इस को चरितार्थ करते हुए जबलपुर के यूट्यूब क्रिएटर सुशील मोदी ने अपनी पत्नी योगिता मोदी के साथ मिल पर बचत के उद्देश्य से वर्ष 2018 से प्रति माह 5000-5000 रुपये निवेश पोस्ट ऑफिस एनएससी में किया, और इस प्रकार अभी तक उन्होंने 105 पोस्ट ऑफिस एनएससी में लगातार निवेश किया, कोरोना महामारी जैसे काल में भी उन्होंने अपनी बचत और निवेश जारी रखा और आज उनका नाम इंडिया बुक ऑफ़ रिकॉर्ड में सर्वाधिक पोस्ट ऑफिस एनएससी में निवेश करने ले लिए दर्ज हुआ, एक पोस्ट ऑफिस एनएससी 5 वर्ष के लिए होती है इस प्रकार 5 बर्ष बाद पोस्ट ऑफिस एनएससी की राशि व्याज सहित प्राप्त होती है और और सुशील मोदी और उनकी पत्नी को 5 वर्ष बाद प्रति माह 14500 से अधिक की राशि अगले पांच वर्षो तक लगातार प्राप्त होती रहेगी ये एक अपने तरह का पहला मामला है जब सरकारी निवेश योजना में किसी ने इतने लम्बे समय तक और लगातार बचत और निवेश किया और इंडिया बुक ऑफ रिकार्ड्स में अपना नाम दर्ज कराया

एनएससी एक सरकारी निवेश योजना है, जिसे भारतीय सरकार की गारंटी सहित प्रदान किया जाता है। यह गारंटी सुनिश्चित करती है कि प्रमाणपत्र के माध्यम से किए गए निवेश पर निरंतर ब्याज का प्राप्त होना सुनिश्चित होता है।

पोस्ट ऑफिस एनएससी: सुरक्षित निवेश विकल्प
पोस्ट ऑफिस द्वारा प्रदान की जाने वाली विभिन्न डाकिया सेवा के अलावा, वित्तीय सेवाओं की भी व्यापक श्रृंखला प्रदान की जाती है, जिसके अंतर्गत राष्ट्रीय बचत प्रमाणपत्र (एनएससी) एक महत्वपूर्ण निवेश विकल्प है। इस लेख में, हम पोस्ट ऑफिस में एनएससी के बारे में विशेषताएं, लाभ और महत्व को जानेंगे जो इसे एक सुरक्षित निवेश विकल्प बनाते हैं।

१. एनएससी की समझ:
राष्ट्रीय बचत प्रमाणपत्र एक निश्चित आय निवेश योजना है जो भारतीय सरकार द्वारा प्रदान की जाती है। इसका उद्देश्य व्यक्तियों के बीच दीर्घकालिक बचत को बढ़ावा देना है जबकि सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करना है। एनएससी को देशभर में निर्धारित पोस्ट ऑफिसों पर खरीदा जा सकता है, जिससे यह विभिन्न निवेशकों के लिए आसानी से उपलब्ध हो जाता है।

२. एनएससी की विशेषताएं:

निश्चित समयावधि: एनएससी की निश्चित समयावधि पांच वर्ष होती है। इसका मतलब है कि एनएससी को निवेश किया जाने के बाद पांच वर्ष तक कोई नए निवेश या निकासी का विकल्प नहीं होता है।

सरकारी गारंटी: एनएससी एक सरकारी निवेश योजना है, जिसे भारतीय सरकार की गारंटी सहित प्रदान किया जाता है। यह गारंटी सुनिश्चित करती है कि प्रमाणपत्र के माध्यम से किए गए निवेश पर निरंतर ब्याज का प्राप्त होना सुनिश्चित होता है।

कर का लाभ: एनएससी में किए गए निवेश पर प्राप्त किया गया ब्याज कर के अधीन होता है। इससे निवेशकों को अपनी आय पर कर का लाभ प्राप्त होता है।

आयात कर का छूट: एनएससी के लिए पांच वर्षीय निवेश को आयात कर के छूट के तहत आयातित नहीं किया जाता है। इसका मतलब है कि निवेशकों को अपनी निवेश राशि पर कोई आयात कर नहीं देनी होती है।

निवेश राशि का प्रमाणीकरण: एनएससी में निवेश की न्यूनतम राशि का प्रमाणीकरण होता है। निवेशकों को न्यूनतम राशि के माध्यम से एनएससी में निवेश करने का विकल्प मिलता है।

संक्षेप में कहें तो, पोस्ट ऑफिस एनएससी एक सुरक्षित निवेश विकल्प है जो सरकारी गारंटी, निश्चित समयावधि, ब्याज का लाभ और कर की छूट के साथ आता है। इसे खरीदने के लिए निर्धारित पोस्ट ऑफिसों का उपयोग किया जा सकता है, जिससे यह निवेश विकल्प साधारण निवेशकों के लिए आसानी से उपलब्ध हो जाता है।

मुख्यमंत्री सीखो कमाओं योजना : CA Rajesh Jain
ca akhilesh jain


प्रदेश सरकार ने युवाओं के लिए ‘मुख्यमंत्री सीखो कमाओ योजना’ प्रारंभ की है। यह योजना युवाओं को रोजगार के क्षेत्र में नए अवसर देने के साथ ही अपने मनमाफिक काम सीखने मौका देगी और उन्हें हर महीने पैसा भी मिलेगा।


प्रदेश के युवाओं को सक्षम, स्वाभिमानी और आत्म निर्भर बनाने के लिए इस योजना को लागू किया जा रहा है। इस योजना के लागू होने से मध्यप्रदेश के युवाओं को रोजगार के लिए इधर उधर नहीं भटकना पड़ेगा। इस योजना से युवाओं में स्किल्स (कौशल) भी आयेगा और उनका आर्थिक पक्ष भी मजबूत बनेगा। इस योजना से मध्यप्रदेश में युवाओं के जीवन में क्रांतिकारी बदलाव आयेगी। मुख्यमंत्री सीखो-कमाओ योजना युवाओं के लिए स्वाभिमान और सम्मान का प्रतीक बनेगी, योजना में प्रारंभिक लक्ष्य एक लाख युवाओं को इससे जोड़ना है।


तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार विभाग द्वारा प्रस्तावित नवीन योजना “मुख्यमंत्री सीखो कमाओं योजना” को लागू करने की स्वीकृति दी गई। इसके अंतर्गत, कम से कम एक लाख युवाओं को प्रतिष्ठानों में प्रशिक्षण कराने के उद्देश्य से 01 हजार करोड़ रुपये की राशि की स्वीकृति प्रदान की गई। इस योजना अंतर्गत 18 से 29 वर्ष के युवा जो मध्यप्रदेश के स्थानीय निवासी है तथा जिनकी शैक्षणिक योग्यता 12 वीं अथवा आईटीआई या उच्च है, वे पात्र होंगे। प्रशिक्षण के दौरान युवाओं को 08 हजार से 10 हजार रुपये प्रतिमाह स्टाइपेण्ड प्राप्त होगा। स्टाइपेण्ड का 75 प्रतिशत राज्य शासन द्वारा डीबीटी के माध्यम से भुगतान किया जाएगा। प्रशिक्षण उपरांत मध्यप्रदेश राज्य कौशल विकास एवं रोजगार निर्माण बोर्ड (MPSSDEGB) द्वारा State Council for Vocational Training (SCVT) का प्रमाण पत्र दिया जाएगा।

मुख्यमंत्री सीखो कमाओ योजना में 18 से लेकर 29 वर्ष तक के मध्यप्रदेश के निवासी युवा भाग ले सकेंगे। इस योजना में 12 वी या आईटीआई पास अथवा उच्च शिक्षित युवा भी लाभान्वित हो सकेंगे। योजना के अंतर्गत ट्रेनिंग के दौरान 5 वीं से 12 उत्तीर्ण युवाओं को 8000, आईटीआई पास को 8500, डिप्लोमाधारी को 9000, और स्नातक अथवा उच्च शिक्षित युवाओं को 10 हजार रुपये स्टाइपेंड के रूप में प्रतिमाह दिया जाएगा।


योजना के माध्यम से इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स, मैकेनिकल, सिविल, मैनेजमेंट एवं मार्केटिंग क्षेत्र, सेवा क्षेत्र होटल मैनेजमेंट, टूरिज्म और ट्रैवल अस्पताल, रेलवे, आईटी और सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट क्षेत्र, उद्योग-उन्मुख प्रशिक्षण आदि। ऐसे क्षेत्र जिनमें प्रशिक्षण उपरांत छात्र- प्रशिक्षणार्थी गिग इकोनोमी एवं ब्लू कॉलर जॉब्स हेतु उपयुक्त होंगे। प्रत्येक माह निर्धारित स्टाइपेण्ड का 75 प्रतिशत राज्य शासन की ओर से छात्र- प्रशिक्षणार्थी को डीबीटी के माध्यम से भुगतान किया जाएगा।

प्रतिष्ठान को निर्धारित न्यूनतम स्टाइपेण्ड की 25 प्रतिशत राशि छात्र- प्रशिक्षणार्थी के बैंक खाते में जमा करना होगी। प्रतिष्ठान निर्धारित राशि से अधिक स्टाइपेण्ड देने के लिए स्वतंत्र होगा।


मुख्यमंत्री सीखो कमाओ योजना का क्रियान्वयन


इस योजना में 07 जून 2023 से प्रतिष्ठानों के पंजीयन का कार्य प्रारंभ होगा और 15 जून 2023 से युवाओं के पंजीयन का कार्य प्रारंभ हो जाएगा। 15 जुलाई 2023 से मार्केट प्लेस प्रारंभ एवं युवाओं का आवेदन लेना प्रारंभ होगा । 31 जुलाई से युवा प्रतिष्ठानों-मध्यप्रदेश शासन के मध्य अनुबंध हस्ताक्षर (ऑनलाइन) प्रारंभ होंगे । 01 अगस्त से 2023 से युवाओं की उपस्थिति शुरू हो जाएगी । 31 अगस्त 2023 से प्रशिक्षण प्रारंभ होने के 1 माह बाद युवाओं को राशि वितरण प्रारंभ होगा।